Saturday, March 7, 2026
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महिला दिवस पर रायपुर में ‘लखपति दीदी संवाद’, महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना

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The Duniyadari: रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं मेहनत, आत्मविश्वास और नवाचार के दम पर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और राज्य सरकार उनके सशक्तिकरण के लिए लगातार पहल कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। पहले जहां महिलाएं सीमित दायरे में रहती थीं, वहीं अब स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वे आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर परिवार और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर हर गांव में अधिक से अधिक लखपति दीदियां तैयार करना है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से करीब 8 लाख महिलाएं यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। आगे इस संख्या को 10 लाख से भी अधिक तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है, जिनके निर्माण में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी भागीदारी निभा रही हैं। वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना के तहत अब तक लगभग 70 लाख महिलाओं को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। चालू बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना से लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। अब उन्हें व्यापारिक केंद्रों और धार्मिक स्थलों के भ्रमण के लिए लखपति दीदी भ्रमण योजना भी शुरू की जा रही है। साथ ही पंचायत विभाग के माध्यम से 250 महतारी सदनों के निर्माण और पोषण योजनाओं के संचालन के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बालिकाओं की आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रस्तावित रानी दुर्गावती योजना का भी उल्लेख किया। इस योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर बेटियों को 1.5 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लखपति दीदियां पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं और अब लक्ष्य उन्हें करोड़पति दीदी के रूप में आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि बकरी पालन क्लस्टर परियोजना शुरू कर इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ हुए समझौते से स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी पर आधारित कॉफी टेबल बुक और छत्तीसकला से जुड़ी ब्रांड बुक का विमोचन किया। इसके साथ ही लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को सम्मानित भी किया गया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आने वाले समय में वे लखपति से करोड़पति बनने की दिशा में कदम बढ़ाएंगी।

कार्यक्रम में बस्तर, बालोद और जशपुर सहित कई जिलों से आई महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। इस दौरान विभिन्न विभागों के मंत्री, विधायक, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं।