Tuesday, March 24, 2026
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बड़ा सरेंडर: टॉप कमांडर पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने डाले हथियार

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The Duniyadari: रायपुर/जगदलपुर- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से एक अहम खबर सामने आई है, जहां लंबे समय से सक्रिय रहे शीर्ष नक्सली कमांडर पापाराव उर्फ मंगू ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा रहा है कि उसने बीजापुर जिले के कुटरू थाने में सुरक्षा बलों के सामने हथियार डाले, जिससे नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पापाराव के साथ कुल 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिनमें 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। ये सभी अत्याधुनिक हथियारों के साथ थाने पहुंचे थे। सुरक्षाबलों ने इनके पास से 8 AK-47, एक एसएलआर और एक इंसास राइफल सहित अन्य सामग्री बरामद की है। आत्मसमर्पण के बाद सभी को कड़ी सुरक्षा में जगदलपुर ले जाया गया है, जहां आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि सरेंडर करने वालों में कई ऐसे सदस्य शामिल हैं जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे।

56 वर्षीय पापाराव मूलतः सुकमा जिले का रहने वाला है और नक्सल संगठन में उसकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य रहने के साथ-साथ पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का प्रभारी और दक्षिण सब-जोनल ब्यूरो में भी सक्रिय भूमिका निभा चुका है। इलाके की भौगोलिक समझ के कारण वह कई बार सुरक्षाबलों से बच निकलने में सफल रहा था।

इस सरेंडर को नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पश्चिम बस्तर डिवीजन अब लगभग निष्क्रिय होने की कगार पर है। इससे पहले देवा के आत्मसमर्पण के बाद पापाराव ही इस क्षेत्र का प्रमुख चेहरा बचा था।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 31 मार्च तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में इस बड़े सरेंडर को सरकार की रणनीति की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से बस्तर में शांति और विकास के रास्ते और मजबूत होंगे।