Tuesday, April 21, 2026
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धान खरीदी घोटाला: 70 लाख से ज्यादा की हेराफेरी, केंद्र प्रभारी गिरफ्तार

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The Duniyadari: कबीरधाम जिले में धान खरीदी में बड़ी अनियमितता सामने आई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धान खरीदी केंद्र के प्रभारी विवेक चंद्राकर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरोपी पर 70 लाख रुपये से अधिक की धान हेराफेरी का आरोप है, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

मामला सेवा सहकारी समिति मर्यादित के अंतर्गत संचालित धान उपार्जन केंद्र पेण्ड्रीकला का है। इस संबंध में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव की कुण्डा शाखा के राजेन्द्र कुमार डाहिरे ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद वर्ष 2025-26 की धान खरीदी का निरीक्षण किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई।

जांच में पाया गया कि 12 जनवरी तक केंद्र में कुल 23,319.20 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज थी। इनमें से 3,880 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका था, जबकि शेष 19,439.20 क्विंटल धान केंद्र में उपलब्ध होना चाहिए था। लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान निर्धारित मात्रा से काफी कम धान मिला। जांच में कुल 2,272 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी शासकीय कीमत 70 लाख 43 हजार 200 रुपये आंकी गई है।

जांच टीम ने यह भी पाया कि प्रभारी विवेक चंद्राकर ने तौल पत्रक और रजिस्टर में फर्जी एंट्री कर धान की हेराफेरी की। रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी धान का गबन किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कुण्डा में अपराध क्रमांक 15/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 316(3), 316(5), 318(4), 336(3), 338 और 340 के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर धान गबन करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस घोटाले में अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल हैं या नहीं। कार्रवाई में उप निरीक्षक जयराम यादव, प्रधान आरक्षक मुकेश राजपूत, संजय मरावी, जयंती पटेल और जेठूराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की कार्रवाई की सराहना की है।

इस घटना के बाद जिले की सहकारी समितियों और धान खरीदी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने ऐसे मामलों में सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों को रोका जा सके।