The Duniyadari: Raigarh- पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के तुमीडीह डैम किनारे जंगल में 12 मई को मिली अर्धनग्न युवती की लाश की पहचान हो गई है। मृतका 31 वर्षीय महिला अधिवक्ता थी जो लैलूंगा ब्लॉक की रहने वाली थी और रायगढ़ जिला अधिवक्ता संघ की सदस्य थी।
*धारदार हथियार से हत्या, पहचान मिटाने की कोशिश*
पुलिस के मुताबिक युवती का शव औंधे मुंह जमीन पर पड़ा था और कपड़े आसपास बिखरे मिले। हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए चेहरा पत्थर से कुचल दिया था। गर्दन के पीछे धारदार हथियार के गहरे जख्म भी मिले हैं। प्रथम दृष्टया मारपीट के बाद हत्या की आशंका है।
*बहन को आया संदिग्ध कॉल*
मृतका की बहन बेंगलुरु से रायगढ़ पहुंची। उसने बताया कि 12 मई को दीदी का फोन बंद था। 13 मई को जब फोन ऑन हुआ तो किसी दूसरी लड़की ने उठाया और मृतका की आवाज में बात करने की कोशिश की। उसने कहा कि “दीदी सो रही हैं”। इसके बाद सीधे शव मिलने की खबर आई। बहन ने कहा कि फिलहाल किसी पर शक नहीं है, लेकिन दोषियों की जल्द गिरफ्तारी हो।
*अधिवक्ता संघ ने सौंपा ज्ञापन*
शुक्रवार को जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लालमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में वकीलों ने SSP को ज्ञापन सौंपा। संघ ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। त्रिपाठी ने बताया कि मृतका ने जनवरी 2026 में ही संघ की सदस्यता ली थी। वह जूनियर अधिवक्ता के तौर पर प्रैक्टिस कर रही थी।
अधिवक्ताओं ने ऐलान किया है कि इस केस में आरोपी की पैरवी कोई भी स्थानीय वकील नहीं करेगा। बाहर से आने वाले वकीलों से भी पैरवी न करने का अनुरोध किया जाएगा। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।















