The Duniyadari: Raipur- राज्य सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के संयमित इस्तेमाल के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत मंत्रियों, निगम-मंडल अध्यक्षों और अफसरों के वाहन उपयोग से लेकर विदेश दौरे तक पर सख्ती बरती जाएगी।
*कारकेड में कटौती, सिर्फ जरूरी वाहन चलेंगे*
नए निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रियों और आयोगों-निगमों के पदाधिकारियों के कारकेड में अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही शामिल किया जाएगा। फिजूल की गाड़ियों और शासकीय संसाधनों के उपयोग पर रोक लगेगी।
*ई-व्हीकल और वाहन पूलिंग पर जोर*
सरकार ने सभी विभागों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने को कहा है। पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू होगी। एक ही रूट पर जाने वाले अधिकारी अब साझा वाहन का इस्तेमाल करेंगे।
*बिना CM की मंजूरी नहीं होगी विदेश यात्रा*
अत्यंत अपरिहार्य स्थिति को छोड़कर सरकारी खर्च पर कर्मचारियों की विदेश यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। अगर यात्रा जरूरी हुई तो मुख्यमंत्री से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
*हर महीने सिर्फ एक फिजिकल बैठक*
विभागों को कहा गया है कि भौतिक बैठकें महीने में अधिकतम एक बार ही हों। बाकी सभी समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराई जाएं, ताकि यात्रा और अन्य खर्च बच सकें।
*दफ्तर बंद होते ही स्विच ऑफ होंगे AC-कंप्यूटर*
ऊर्जा बचाने के लिए सभी शासकीय कार्यालयों में ड्यूटी खत्म होने के बाद लाइट, पंखे, AC और कंप्यूटर अनिवार्य रूप से बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। सरकारी भवनों में बिजली की बर्बादी रोकने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे।
सरकार का कहना है कि इन उपायों से हर साल करोड़ों रुपये की बचत होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।















