The Duniyadari: Raipur के न्यायालय परिसर में एक कथित फर्जी वकील का मामला सामने आने के बाद अधिवक्ता संघ में हड़कंप मच गया। अधिवक्ता संघ की प्रबंधकारिणी टीम ने जांच के दौरान एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया, जो खुद को अधिवक्ता बताकर लोगों के मामलों में दखल दे रहा था।
प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपना नाम हरीश डहरिया बताया, लेकिन दस्तावेजों की जांच होने पर उसकी असली पहचान मनीष कुर्रे के रूप में सामने आई। आरोप है कि युवक विजिटिंग कार्ड और सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए खुद को वकील बताकर लोगों का विश्वास जीतता था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उसने एक पक्षकार से जमानत कराने का भरोसा दिलाकर 10 हजार रुपये लिए थे। वहीं आधार कार्ड में उसकी उम्र 20 वर्ष दर्ज पाई गई। युवक खुद को बीए, बीकॉम, एलएलबी और एलएलएम की डिग्री प्राप्त बताता था, लेकिन उसके दावों की सत्यता संदिग्ध मिली।
पूछताछ के दौरान मनीष कुर्रे ने यह भी स्वीकार किया कि उसके साथ पांच अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं, जो इसी तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। अधिवक्ता संघ का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में फर्जी डिग्री और झूठी पहचान के सहारे लोगों को ठगने वाले ऐसे तत्व सक्रिय हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ता संघ ने आरोपी को सिविल लाइन्स थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस अब उसके दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ उसके नेटवर्क और अन्य संदिग्ध साथियों की तलाश में जुट गई है।















