The Duniyadari: राजनांदगांव- जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में पदस्थ दो विशेषज्ञ डॉक्टरों पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने दोनों चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आरोप है कि डॉक्टर नियमित रूप से वार्ड में उपस्थित नहीं रहते, हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं करते और अस्पताल के निर्धारित समय में निजी अस्पतालों में भी सेवाएं देते हैं।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 14 जुलाई को छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला पदाधिकारियों द्वारा अस्पताल प्रबंधन को सौंपे गए शिकायत पत्र के आधार पर की गई है। शिकायत में एसएनसीयू वार्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति से नवजात शिशुओं के उपचार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। साथ ही स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र प्रसाद ने मामले की प्राथमिक जांच के बाद डॉ. विक्रम बैद और डॉ. मयंक सुराना को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि राज्य सरकार शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में नवजातों के उपचार से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग में चिकित्सकों की कथित लापरवाही को गंभीर माना जा रहा है।
फिलहाल अस्पताल प्रबंधन पूरे मामले की जांच कर रहा है। दोनों डॉक्टरों के जवाब और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।















