The Duniyadari: धनरास राखड़ बांध से ऐश ले जाने वाले वाहनों की जांच के बाद सामने आया मामला, परिवहन और डंपिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
कोरबा। जिले में फ्लाई ऐश के परिवहन और डंपिंग को लेकर पर्यावरण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। रूमगरा हवाई पट्टी चौक के पास वाहनों की जांच के दौरान धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश ले जाकर कथित तौर पर डंप किए जाने का मामला सामने आया। मामले में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने एनटीपीसी लिमिटेड, जमनीपाली पर 15 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है।
जानकारी के मुताबिक, पर्यावरण संरक्षण मंडल को फ्लाई ऐश के परिवहन से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहनों की जांच की। जांच के दौरान सामने आया कि धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश लोड कर उसे संबंधित स्थान तक ले जाया जा रहा था। मामले को पर्यावरणीय नियमों के लिहाज से गंभीरता से लेते हुए विभाग ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान एनटीपीसी जमनीपाली के अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया। विभाग की ओर से आवश्यक निर्देश जारी करते हुए फ्लाई ऐश के परिवहन और उसके निर्धारित स्थान पर निस्तारण की व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
रात में होने वाले परिवहन पर भी नजर
फ्लाई ऐश के परिवहन को लेकर अब निगरानी बढ़ाए जाने की बात सामने आई है। विशेष रूप से रात के समय होने वाली आवाजाही पर क्षेत्रीय अधिकारियों की नजर रहेगी। विभाग का कहना है कि फ्लाई ऐश का अनधिकृत परिवहन या नियमों के विपरीत डंपिंग पाए जाने पर संबंधित वाहन और जिम्मेदार पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फ्लाई ऐश के निस्तारण के लिए निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन जरूरी है। नियमों की अनदेखी किए जाने पर आगे भी क्षतिपूर्ति के साथ कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
15 लाख की कार्रवाई के बाद व्यवस्था पर सवाल
एनटीपीसी जमनीपाली पर लगाई गई 15 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति ने फ्लाई ऐश के परिवहन और निस्तारण की पूरी व्यवस्था को चर्चा में ला दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश लेकर निकले वाहन किस अनुमति और निर्धारित व्यवस्था के तहत संबंधित स्थल तक पहुंच रहे थे।
विभाग की कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में फ्लाई ऐश परिवहन की निगरानी और सख्त होने की संभावना है। साथ ही नियमों के उल्लंघन के मामलों में जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई जारी रखने के संकेत भी दिए गए हैं।



















