The Duniyadari: कोरबा। सपने वही सच होते हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए मेहनत और लगन के साथ लगातार प्रयास किया जाए। कोरबा के शशांक ने इसी सोच को अपनी कामयाबी की कहानी बना दिया है। महज 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने पायलट प्रशिक्षण पूरा कर अपने उस सपने को साकार किया है, जिसे उन्होंने बचपन से संजोया था।
शशांक ने दिल्ली की रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी से पायलट का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। प्रशिक्षण के बाद अब वह विमान उड़ाने के क्षेत्र में अपने करियर की नई शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ कोरबा और जांजगीर क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है।
12वीं में जिला टॉपर रहे, फिर पायलट बनने को बनाया लक्ष्य
शशांक की सफलता की कहानी पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन से शुरू हुई। वर्ष 2022 में कक्षा 12वीं की परीक्षा में उन्होंने कोरबा जिले में टॉप कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। इसके बाद उन्होंने पायलट बनने का लक्ष्य तय किया और उसी दिशा में मेहनत शुरू कर दी।
विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण हासिल करना आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने लगातार अध्ययन और अभ्यास किया। करीब दो साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने पायलट प्रशिक्षण पूरा कर अपने लक्ष्य की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
माता-पिता ने बढ़ाया हौसला
शशांक की सफलता में उनके माता-पिता का भी अहम योगदान रहा। पिता शशांक को लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे, वहीं मां ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया। परिवार का कहना है कि बेटे की उपलब्धि उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है।
विमानन के साथ समाज के लिए भी कुछ करने की इच्छा
शशांक का सपना केवल पायलट बनने तक सीमित नहीं है। वह विमानन क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ अपने क्षेत्र और समाज के लिए भी काम करना चाहते हैं। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए यह संदेश देती है कि सही लक्ष्य तय कर लगातार मेहनत की जाए तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है।



















