The Duniyadari: कोरबा। मानिकपुर कोयला खदान के प्रस्तावित विस्तार को लेकर एक बार फिर स्थानीय लोगों के अधिकार, पुनर्वास और पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा चर्चा में आ गया है। खदान विस्तार से जुड़ी पर्यावरणीय जनसुनवाई से पहले छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी है।

संगठन की ओर से क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को ज्ञापन सौंपकर 13 बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें पुराने भू-विस्थापित परिवारों के लंबित मुआवजे से लेकर स्थानीय युवाओं को रोजगार, मजदूरों की सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण जैसे विषय शामिल हैं।
पुराने प्रभावितों को राहत देने की मांग
मानिकपुर खदान के विस्तार से पहले संगठन ने पूर्व में विस्थापित किए गए परिवारों के मामलों को सुलझाने पर जोर दिया है। मांग की गई है कि जिन परिवारों को अब तक मुआवजा, पुनर्वास अथवा अन्य पात्र सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं, उनका सर्वे और सत्यापन कर नियमानुसार निराकरण किया जाए।

संगठन का कहना है कि नए विस्तार की प्रक्रिया के साथ पुराने प्रभावितों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। नई परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों के लिए भी मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था स्पष्ट रखने की मांग उठाई गई है।

स्थानीय युवाओं को रोजगार में मिले प्राथमिकता
खदान विस्तार के बीच रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने मांग की है कि मानिकपुर परियोजना और उससे संबंधित कार्यों में स्थानीय युवाओं तथा खनन प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता दी जाए।
स्थानीय लोगों को ठेका कार्यों में भी पर्याप्त अवसर देने की बात कही गई है, ताकि खनन गतिविधियों से प्रभावित परिवारों को आजीविका के साधन उपलब्ध हो सकें।
मजदूरों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर जोर
खदान क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संगठन ने हेलमेट, जूते, दस्ताने, मास्क और सुरक्षा जैकेट सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की बात कही है।
इसके साथ ही कार्यस्थलों पर प्राथमिक उपचार, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और मानिकपुर सहित आसपास के इलाकों में पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
सर्वमंगला कंस्ट्रक्शन के भुगतान की जांच की मांग
ज्ञापन में SCC सर्वमंगला कंस्ट्रक्शन से जुड़े श्रमिकों को HPC दर के अनुसार भुगतान नहीं मिलने की शिकायत का भी जिक्र किया गया है।
संगठन ने संबंधित मजदूरों के उपस्थिति रजिस्टर, वेतन भुगतान के दस्तावेज और अन्य अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। श्रमिकों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।
CSR राशि के उपयोग पर उठाए सवाल
खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर SECL के CSR फंड के इस्तेमाल पर भी ध्यान देने की मांग की गई है।
संगठन ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यों पर CSR राशि का पारदर्शी तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए।
कोयला परिवहन से होने वाले प्रदूषण पर चिंता
मानिकपुर खदान से कोयला ले जाने वाले वाहनों के कारण मार्गों पर धूल और कोयले के कण फैलने की शिकायतों को लेकर भी संगठन ने कदम उठाने की मांग की है।
परिवहन के दौरान ट्रकों को तिरपाल से पूरी तरह ढकने, सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराने और सफाई व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई है। साथ ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय लागू करने की मांग की गई है।
पर्यावरणीय आकलन और नियमित निगरानी की मांग
खदान विस्तार से पहले क्षेत्र की मौजूदा पर्यावरणीय स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन कराने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई है। इसमें वायु और जल की गुणवत्ता, ध्वनि प्रदूषण, धूल तथा खनन गतिविधियों से होने वाले अन्य प्रभावों का आकलन शामिल है।
संगठन ने पर्यावरणीय नियमों के पालन की नियमित जांच कराने और स्थानीय नागरिकों से मिलने वाली शिकायतों के समाधान के लिए समयबद्ध व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया है।
जनसुनवाई में दर्ज होंगी प्रभावितों की समस्याएं
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संयोजक दिलीप मिरी ने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि ज्ञापन में उठाए गए सभी 13 बिंदुओं को पर्यावरणीय जनसुनवाई की कार्यवाही में शामिल किया जाए। साथ ही संबंधित विभागों और परियोजना प्रबंधन को इन विषयों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
मानिकपुर खदान के विस्तार को लेकर अब मुआवजा, रोजगार, श्रमिक हित और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे जनसुनवाई के केंद्र में रहेंगे। प्रभावित परिवारों की लंबित समस्याओं का समाधान और स्थानीय नागरिकों की शिकायतों पर कार्रवाई आने वाले समय में महत्वपूर्ण विषय होंगे।



















