Friday, October 30, 2026
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एक मंच पर तीन दिग्गज, महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल! फडणवीस-उद्धव-राज ठाकरे की जुगलबंदी ने खींचा ध्यान

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The Duniyadari: राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को पीछे छोड़ एक साथ नजर आए तीनों नेता, 2029 को लेकर राज ठाकरे की टिप्पणी पर लगे ठहाके

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का नया दौर शुरू कर दिया। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे एक ही कार्यक्रम में मौजूद रहे। तीनों के बीच हंसी-मजाक और हल्के-फुल्के राजनीतिक तंज ने समारोह को खास बना दिया।

मौका था कार्टून कला पर आधारित पुस्तक ‘महाराष्ट्र ची हास्यरेषा’ के लोकार्पण का। इस पुस्तक में प्रदेश के 75 कार्टूनिस्टों की रचनाओं और उनके परिचय को शामिल किया गया है। कला से जुड़े इस आयोजन में अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के नेताओं की मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई।

समारोह में राज ठाकरे ने अपने चिरपरिचित अंदाज में भाजपा नेता आशीष शेलार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि फडणवीस को कार्यक्रमों में बुलाने में उन्हें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन शेलार को यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि फडणवीस 2029 तक मुख्यमंत्री बने रहें। उनकी इस बात पर वहां मौजूद लोग हंस पड़े।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी जवाब देने में देर नहीं की। उन्होंने उद्धव ठाकरे का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जब भी उन्हें बुलाया जाता था, वे कार्यक्रम में पहुंच जाते थे। साल 2019 के बाद से उन्हें उद्धव की ओर से कोई निमंत्रण नहीं मिला। इसी साल भाजपा और अविभाजित शिवसेना के बीच राजनीतिक गठबंधन टूट गया था।

फडणवीस ने इस मुलाकात को सामान्य बताते हुए कहा कि राजनीति में विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में साथ आना स्वाभाविक है। उन्होंने मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए एक अलग कला दीर्घा बनाने की इच्छा भी जाहिर की और इस काम में दोनों ठाकरे बंधुओं का सहयोग लेने की बात कही।

कार्यक्रम के बाद राज ठाकरे ने भी साफ किया कि इस मंच पर तीनों नेताओं का एक साथ आना किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं था। उनके मुताबिक कला और संस्कृति से जुड़े आयोजनों में राजनीतिक मतभेदों को अलग रखकर संवाद किया जा सकता है।

फिलहाल इस मुलाकात से किसी नए राजनीतिक गठबंधन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तीनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित नए समीकरणों को लेकर अटकलें जरूर तेज कर दी हैं।