एकनाथ शिंदे का डिप्टी बनने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि देवेंद्र फडणवीस आहत हैं। सीएम की कुर्सी के लिए ही उन्होंने तमाम कवायदें की थीं। उनको सीएम बनता देख असेंबली में उनका एक बयान सोशल मीडिया पर खासा वायरल भी हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि मेरा पानी उतरता देख मेरे किनारे पर घर मत बसा लेना। मैं समुंदर हूं वापस लौटकर आउंगा। फ्लोर टेस्ट के दौरान आज फडणवीस बोले तो उसी बयान का जिक्र कर विरोधियों पर तीखे कटाक्ष किए। फणडवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में अब ईडी की सरकार बन गई है।
फडणवीस ने कहा कि मैंने कहा था कि मैं वापस आऊंगा। लेकिन जब मैंने ऐसा कहा तो कई लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया। मैं आज वापस आया हूं और एकनाथ शिंदे को अपने साथ लाया हूं। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वो उन लोगों से बदला नहीं लेंगे जिन्होंने तब उनका मजाक उड़ाया था। फडनवीस इस दौरान लीक से हटकर भी बोले। उनका कहना था कि राजनीति में विरोधियों की आवाज सुनने के लिए सभी को तैयार रहना चाहिए। हमने देखा कि सोशल मीडिया पर बयान देने और पोस्ट करने के लिए लोगों को जेल में डाल दिया गया। हमें उचित तरीके सेआलोचना का जवाब देना चाहिए।
फ्लोर टेस्ट के दौरान महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा के सुधीर मुनगंटीवार और शिवसेना के भरत गोगावले ने विश्वास मत प्रस्तावित किया। ध्वनि मत के बाद विश्वास मत के प्रस्ताव पर विपक्ष ने वोट बंटवारे की मांग की। अध्यक्ष की अनुमति देकर वोट विभाजन के लिए सदस्यों को खड़े होने के लिए कहा। उसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत के दौरान बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। एकनाथ शिंदे को उनके पक्ष में 164 मत मिले। अब विपक्ष की बेंच से विश्वास मत के खिलाफ मतों की गिनती की जाएगी। एक अन्य विधायक श्यामसुंदर शिंदे विश्वास मत से ठीक पहले एकनाथ शिंदे समूह में शामिल हुए।































