Face boook वॉल से : आईजी ने पोस्ट की इमोशनल  कहानी.. बताया आपका कर्म ही मिलने वाले फल का प्रतिरूप है…

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बिलासपुर। कहते है कहानी अतीत का आईना होती हैं और सच्ची घटनाओं पर आधारित कुछ घटनाएं तो जीनव के हर पड़ाव में सही साबित होती हैं । ऐसे ही घटना से जुड़ी कहानी को बिलासपुर रेंज के आईजी रतन लाल डांगी ने  अपने फेस बुक वॉल में शेयर किया है।

“जितना देंगे,उतना ही पाएंगे”एक किसान हमेशा एक मिठाई की दुकान वाले को 1 किलो मक्खन बेचा करता था। किसान हमेशा सुबह के समय मिठाई की दुकान वाले के पास आता और उसे 1 किलो मक्खन दे जाता । एक बार मिठाई वाले ने सोचा कि वह हमेशा उस पर भरोसा करके मक्खन ले लेता है ।क्यूं ना आज मक्खन को तोला जाए ?इससे उसको पता चल सके कि उसे पूरा मक्खन मिल रहा है या नहीं ।जब मिठाई वाले ने मक्खन तोला तो मक्खन का वजन कुछ कम निकला ।उसे किसान पर गुस्सा आया और किसान पर केस कर दिया।मामला अदालत तक पहुंच गया ।किसान को जज के सामने पेश किया गया । जज ने उस किसान से प्रश्न करना शुरू किया।जज ने पूछा वह उस मक्खन को तोलने के लिए बाट का प्रयोग करता है क्या ?
किसान ने जवाब दिया,”मेरे पास तोलने के लिए बाट तो नहीं है ।फिर भी मक्खन तोल लेता हूं”जज हैरानी से पूछता है “बिना बाट के तुम मक्खन कैसे तोलते हो ?इसका जवाब किसान देता है कि वह रोज इस मिठाई वाले से 1 किलो ब्रेड का पैकेट खरीदता है। और उस पैकेट के वजन के बराबर ही मक्खन तौलकर दे आता हूं।किसान का यह जवाब सुनकर मिठाई वाला हक्का बक्का रह गया। उसको समझ आ गया कि मै भी उसको एक किलो का पैकेट नहीं दे रहा था।और उसे शर्मिंदगी महसूस हुई।इस मिठाई वाले की तरह ही हम भी जीवन में वो ही पाते हैं,जो हम दूसरे को देते हैं। मदद के बदले मदद मिलेगी । एक बार हम को सोचना चाहिए कि हम दूसरों को क्या दे रहे है। जैसा हम बोएंगे, वैसा ही काटेंगे।