कोरबा। गजब है साहेब ! सर्वमंगला चौकी क्षेत्र में चल रहे रेत तस्करी पर कार्रवाई तो कर नही पा रहे और पहुँच गए सायबर सेल में दखल देने! मामला एक वकील की गिरफ्तारी का है। जिस वकील की गिरफ्तारी की गई है असल मे वो साहब के काले कारनामे के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे है। सो साहब ने मौका मिला तो सर्वमंगला चौकी को छोड़ सायबर सेल के अधिकारी बनकर अधिवक्ता को पकड़कर जेल भेज दिया। हालांकि पुलिस के कार्रवाई के तरीके से वकीलो में खाकी के प्रति नाराजगी है पर उससे क्या साहब तो अपना दुश्मनी भंजा लिए। हां ये अलग बात है कि इस कार्रवाई से पुलिस की साख पर बट्टा जरूर लगा है।
दरअसल शुक्रवार एक वकील की फिल्मी स्टाइल से गिरफ्तारी बताकर साहब ने फिर से खोए हुए सम्मान को पाने की कोशिश तो की पर साहब का दांव उल्टा पड़ गया और उनकी कार्रवाई पर ही सवाल उठने लगे है क्योंकि साहब ने सायबर सेल में पदस्थ रहते कई लोगो को प्रताड़ित किया था। उनकी प्रताड़ना से त्रस्त लोगो ने कोर्ट की शरण ली थी जिनके वकील बनकर कमलेश साहू ने न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया था। सायबर सेल प्रभारी को कोर्ट में का दरवाजे के दर्शन कराए जाने की टिस साहब को बार- बार अंदर से झकझोर रही थी। लिहाजा साहब मौके के इंतजार में थे और आखिरकार वो मौका मिला तो अपने चौकी छोड़ पहुंच गए गिरफ्तार करने। अधिवक्ता को पकड़कर जेल तो भेज दिया गया पर एक कलंक की टीस मिटाने के फेर में नया कलंक चढ़ गया.. जनचर्चा है “अंधेर नगरी चौपट… टका शेर भाजी टका शेर खाजा” की कहावत इन शहर के खाकी के खिलाड़ियों में चरितार्थ हो रही है।
इस मामले में हुई गिरिफ्तारी
हरदीबाजार चौकी के एक मामले में अधिवक्ता कमलेश साहू न्यायालय में आरोपीगण का जमानत कराया था। जमानतदार इतवारा बाई का भू अधिकार ऋण पुस्तिका , पट्टा पर्चा आदि न्यायालय में प्रस्तुत कर इतवारा बाई को वास्तविक में इतवारा बाई होने बावत पहचान श्रीमती कुंवारियां बाई नामक महिला ने किया था। न्यायालय द्वारा जमानतदार का आधार कार्ड सहित पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे जाने पर बाद में प्रस्तुत करने हेतु समय लेकर आरोपीगण कर चले गए फिर दस्तावेज प्रस्तुत नही किए । संदेह होने पर न्यायालय द्वारा जांच कराया गया तो पाया गया कि जिस इतवारा बाई नामक महिला ने जमानत लिया है उसकी 1 वर्ष पूर्व ही मृत्यु हो चुकी है , इतवारा बाई की पुत्री मनटोरा बाई को इतवारा बाई के रूप में प्रस्तुत कर जमानत प्राप्त किया गया है , जिसकी पहचान कुवरिया बाई नामक महिला ने की। न्यायालय के आदेश पर जांच पश्चात मामले में धारा 193, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 201, 34 ipc के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । इस दौरान आरोपीगण को जानकारी मिलने पर जमानत आवेदन में संलग्न मनटोरा बाई के फोटो को निकाल कर निर्मला श्याम नामक महिला का फोटो को चष्पा कर दिया गया । विवेचना के दौरान मामले में कमलेश साहू के साथी अधिवक्ता राजेश कुमार राठौर , मनटोरा बाई एवं कुंवरिया बाई को गिरफ्तार किया जा चुका है , आरोपी कमलेश साहू के विरुद्ध साक्ष्य एकत्रित किया जा रहा था , जिसके विरुद्ध मामले में संलिप्त होने बाबत पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आज दिनांक 09.12.2022 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।































