Thursday, March 12, 2026
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CG: चपरासी से क्लर्क और फिर कैशियर बने क्राइम मास्टर की दास्तां… पढ़े कैसे किया 5.59 करोड़ का गबन!

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रायपुर: एक कैशियर ने ही बैंक में करोड़ों के घोटाले को अंजाम दिया और फिर बड़े शातिर तरीके से अपना मोबाइल रायपुर में ही छोड़कर फरार हो गया. यही वजह है कि आरोपी को पकड़ने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.
दरअसल, ये पूरा मामला राजेंद्र नगर यूनियन बैंक से जुड़ा हुआ है, जहाँ 5.59 करोड़ के घोटाले का मोस्ट वांटेड कैशियर किशन बघेल है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि आरोपी कैशियर किशन ने करोड़ों का घोटाला केवल 1 लाख 30 हजार के सिक्कों की आड़ में कर दिया।

5.59 करोड़ के घोटाले का मोस्ट वांटेड कैशियर किशन यूनियन बैंक में बतौर चपरासी भर्ती हुआ था। डेली वेजेस पर नौकरी करते करते वह परमानेंट हुआ। उसके बाद क्लर्क बना फिर उसका प्रमोशन कैशियर के पद पर हो गया। वह 2017 से कैशियर के पद पर काम कर रहा था। बैंक अफसरों को शक है कि उसी के बाद से किशन ने पैसों का गबन शुरू कर दिया था। मिल रही जानकारी के मुताबिक, किशन ने एक लाख तीस हजार के सिक्कों को बैंक के रिकार्ड में 5.59 करोड़ का दिखाया। उसके बाद अपने करीबियों और रिश्तेदारों के खाते किराए पर लिए और पैसे उसमें ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उनके खाते से पैसों का ट्रांजेक्शन अलग-अलग खातों में कर निकाल लिया।

बताया जाता है कि किशन गबन के पैसों से ब्याज का धंधा करता था, मार्केट में उसका करोड़ों का पैसा ब्याज में चल रहा था। इससे हर महीने उसे मोटी कमाई ब्याज के रूप में हो रही थी। किशन ने जिन लोगों को ब्याज में पैसे दिए हैं, उन्हीं में से 6 लोगों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए और उनके खातों को किराए पर ले लिया। किराए पर लेने के बाद वह उन खातों को खुद ऑपरेट करता था। उसने उन लोगों से बैंक पासबुक से लेकर एटीएम तक अपने कब्जे में लिए थे। वह उनके खातों में बैंक से पैसा ट्रांसफर कर खुद निकालता या किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर कर देता था। खाता जिसके नाम पर होता था उसे वह हर महीने चार-छह हजार रुपए बतौर कमीशन देता था। किशन ने जिन छह लोगों के खाते किराए पर लिए हैं, उन सभी से पूछताछ कर ली गई है।