The Duniyadari: रायपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने ही पुराने परिचित को फर्जी जांच का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। आरोपी ने खुद को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) का अधिकारी बताकर पूरी साजिश रची और भरोसे का फायदा उठाया।
पुलिस के मुताबिक, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता देवलाल सिंह टेकाम को जनवरी के अंत में कुछ अज्ञात नंबरों से कॉल आए। कॉल करने वालों ने खुद को सतर्कता विभाग, ACB और EOW से जुड़ा बताते हुए उनके खिलाफ शिकायत होने की बात कहकर डराया। शुरुआती जांच में ये कॉल साइबर ठगी की कोशिश निकले।
इस पूरी बात की जानकारी टेकाम ने अपने परिचित धर्मेन्द्र चौहान को दी। यहीं से आरोपी ने साजिश शुरू की। उसने भरोसा दिलाया कि वह मामले की जांच करवा देगा और टेकाम को संदिग्ध नंबर ब्लॉक करने की सलाह दी। इसके बाद आरोपी ने एक अन्य मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप के जरिए फर्जी शिकायत की कॉपी भेजी और खुद को EOW अधिकारी बताकर कॉल कर धमकाना शुरू कर दिया।
जब पीड़ित ने समाधान पूछा, तो आरोपी ने चालाकी से खुद को ही मध्यस्थ बताकर कहा कि धर्मेन्द्र चौहान के जरिए मामला सुलझाया जा सकता है। फिर उसने टेकाम से 10 लाख रुपये की मांग का हवाला दिया और पैसे अपने पास देने को कहा। विश्वास में आकर पीड़ित ने आरोपी को 9.50 लाख रुपये दे दिए।
जांच में सामने आया कि आरोपी जगदलपुर में टेंट व्यवसाय करता है और पहले से पीड़ित के संपर्क में था। उसे उनकी निजी और पेशेवर जानकारी के साथ-साथ कमजोरियों का भी पूरा अंदाजा था, जिसका उसने फायदा उठाया।
मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब लेन-देन, सिम कार्ड और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।















