नई दिल्ली– दिल्ली के नांगलोई में रहने वाली सोनिया उर्फ सोना ने अपने इंस्टाग्राम पर ‘I love Bhoot’ लिख रखा था. घर में भी जब वो फोन पर बात करती थी और कोई पूछता तो कहती थी कि अपने भूत से बात कर रही हूं, लेकिन उस वक्त सोनिया ने सोचा नहीं होगा कि उसका प्यारा भूत ही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा.
दरअसल, नांगलोई की सोनिया करवा चौथ के दिन घर से अपना सारा सामान लेकर अपने भूत के पास जाने के लिए निकली थी, लेकिन वह लौटकर वापस नहीं आई. जिसकी लंबी उम्र के लिए उसने करवा चौथ का व्रत रखा था, उसी सलीम ने सोनिया की हत्या कर दी और लाश को जमीन के चार फीट नीचे दफना दिया.
सोनिया के परिजनों का कहना है कि वे ये तो जानते थे कि सोनिया किसी से प्यार करती है, लेकिन वह भूत कौन है, यह उन्हें नहीं पता था. बाद में जब जानकारी मिली तो पता चला कि उसका नाम संजू है, लेकिन वह सलीम था, इसके बारे में तो उन्हें जरा सी भी भनक नहीं थी. सोनिया की छोटी बहन ने कहा कि जब घर गए, तब पता चला कि वह मुस्लिम है.
सोनिया को सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने का बहुत शौक था. वह रील बनाती थी और सोशल मीडिया पर अपलोड करती थी. सोनिया के इंस्टाग्राम पर 6700 फॉलोअर थे. वो जिंदादिल थी, जीना चाहती थी, लेकिन वो जिससे प्यार करती थी, उसी सलीम ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद उसका शव रोहतक के जंगल में दफना दिया.
हालांकि सोनिया के परिवार का दावा है कि संजू का असली नाम सलीम है, यह उन्हें 21 अक्टूबर यानी करवा चौथ के अगले दिन पता चला, जब सोनिया की तलाश में उनकी बेटी संजू उर्फ सलीम के घर पहुंची.
दिल्ली पुलिस को इस मामले की शिकायत 23 अक्टूबर को मिली. इसके बाद पुलिस ने सलीम को हिरासत में ले लिया. जब उससे पूछताछ की तो उसने कत्ल की बात कबूल कर ली. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, संजू उर्फ सलीम ने पूछताछ में बताया कि हत्या की साजिश उसने पहले रच ली थी. इसके लिए उसने अपने दो साथियों रितिक और पंकज को भी शामिल कर लिया. करवा चौथ का दिन फिक्स किया. फिर उसने एक कार किराए पर ली.
रात में जब सोनिया अपना सारा सामान लेकर घर से निकली तो वह संजू उर्फ सलीम को नांगलोई इलाके में मिली. वहां से संजू उसे सीधे रोहतक की तरफ लेकर गया. रास्ते में उसने सोनिया की गला दबाकर हत्या कर दी, फिर रात में ही उसकी बॉडी को रोहतक के जंगल में दफना दिया और वापस दिल्ली लौट आया.
सोनिया 7 महीने की प्रेग्नेंट थी. इसके बाद संजू उर्फ सलीम पुलिस के हत्थे तब चढ़ा, जब वह बिना नंबर प्लेट की बाइक से पश्चिम विहार में घूम रहा था. उसके पास जो आईडी कार्ड मिला, वह सोनिया के पिता का था. इस वजह से सोनिया के पिता को जानकारी मिली और उन्होंने नांगलोई थाने को जानकारी दी.
































