The Duniyadari : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस अकादमी चंदखुरी के निदेशक पद से आईजी रतनलाल डांगी को तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। यह फैसला उस शिकायत के बाद लिया गया है जिसमें एक योग प्रशिक्षिका ने वरिष्ठ अधिकारी पर यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का पति पुलिस विभाग में उप निरीक्षक के पद पर है।
सरकार ने इस पद का अतिरिक्त प्रभार 2004 बैच के आईपीएस अजय कुमार यादव को सौंपा है, जो वर्तमान में रायपुर रेंज आईजी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
यह निर्णय राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के समाप्त होने के एक दिन बाद सामने आया है, जिसमें उद्घाटन पर प्रधानमंत्री और समापन पर उपराष्ट्रपति की उपस्थिति रही थी।
शिकायत पर त्वरित कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, महिला ने पुलिस मुख्यालय में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि डांगी ने अपने पद का दुरुपयोग कर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया। शिकायत दर्ज होते ही विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू की, जिसमें 14 दिनों में तैयार रिपोर्ट में डांगी को पद से हटाने की अनुशंसा की गई। गृह विभाग ने अनुशंसा को गंभीरता से लेते हुए आदेश जारी किया।
इधर, डांगी ने अपने पक्ष में कहा है कि वे ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए हैं और उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को पहले ही अवगत करा दिया था। आरोप और प्रत्यारोप के बीच जांच प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
सरकार का स्पष्ट संदेश
गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि
“यदि जांच में आरोप साबित होते हैं, तो आगे कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित होगी।”
पुलिस अकादमी का निदेशक पद पुलिस प्रशिक्षण, संगठनात्मक संस्कृति और अनुशासन की नींव मानी जाती है। ऐसे में सरकार का यह निर्णय संदेश देता है कि
नैतिकता और महिला सम्मान के मामलों में किसी स्तर पर भी समझौता नहीं होगा।
विशेषज्ञ इसे पुलिस विभाग में जवाबदेही और शून्य सहिष्णुता नीति को मजबूत करने वाला कदम मान रहे हैं।














