कोरबा । ग्राम पंचायत गिधौरी के ग्रामीणों से सरपंच द्वारा सौ-सौ रूपए की अवैध वसूली से संबंधित शिकायत पर कलेक्टर श्री संजीव झा के निर्देशानुसार जांच किया गया। जांच में राशनकार्ड धारियों से सौ रूपए एवं एक किलो चांवल की अवैध वसूली पाया गया। जांच उपरांत एसडीएम कोरबा द्वारा गिधौरी की सरपंच श्रीमती विज्ञानी कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उक्त शिकायत के संबंध में अपना जवाब 20 मार्च 2023 को एसडीएम न्यायालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि विकासखण्ड करतला के ग्राम गिधौरी में शासकीय राशन दुकान में राशनकार्ड धारियों से धार्मिक आयोजन के लिए सौ-सौ रूपए वसूलने की शिकायत पर कलेक्टर श्री झा ने जांच के निर्देश दिए थे। इसी तारतम्य में डिप्टी कलेक्टर सुश्री रूचि शार्दुल, बरपाली तहसीलदार श्रीमती आराधना प्रधान, खाद्य निरीक्षक करतला उर्मिला गुप्ता एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में 14 मार्च को पूरे प्रकरण की जांच की गई। जांच के दौरान राशन कार्डधारी बसंती बाई बिंझवार, सहेली बाई मंझवार, तुलसी बाई, पार्वती वैष्णव, अमृत बाई महंत, सुशीला देवी गभेल, संतोष बाई महंत, दिलीप कुमार मानिकपुरी एवं मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि राशनकार्ड धारियों से 100 रूपए की वसूली करने के लिए ग्राम पंचायत में मुनादी कराई गई थी। 13 मार्च को शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेता अब्दुल खालिद के द्वारा मार्च माह का राशन वितरण किया जा रहा था। वितरण प्रारंभ होने के साथ ही सरपंच श्रीमती विज्ञानी कंवर, उपसरपंच परबतिया बाई कंवर, पंच अनुसुईया साहू एवं शांता बाई द्वारा हर राशनकार्ड धारी से सौ-सौ रूपए की राशि एवं एक-एक किलो चांवल लेने लगे।

खाद्य निरीक्षक करतला द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में 13 मार्च को लगभग 250 राशन कार्ड धारियों को उक्त शासकीय राशन दुकान से राशन प्रदाय किया गया। उपरोक्त सभी राशनकार्ड धारियों से 100 रूपए एवं एक किलो चांवल वसूला गया। इसके लिए सरपंच द्वारा एक रजिस्टर भी बनाया गया था। जिसमें राशि देने वाले और राशि नहीं देने वाले का नाम पृथक-पृथक लिखा गया है। जो राशनकार्ड धारी अपने साथ 100 रूपए नहीं लाए उन्हें बाद में दिए जाने के लिए निर्देशित किया गया। सरपंच द्वारा अवैध वसूली से इकट्ठे किए गए लगभग ढाई क्विंटल चांवल बोरियों में भरकर पीडीएस भवन परिसर में रखा गया था। जांच के दौरान उपरोक्त चांवल पीडीएस भवन परिसर में रखा हुआ पाया गया। इस प्रकार ग्रामीणों से अवैध वसूली की शिकायत को सही पाये जाने पर एसडीएम कोरबा ने सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।