Friday, March 27, 2026
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KORBA: कलेक्टर की पहल : 26 वर्षीय अजय को मिली नौकरी.. दिवंगत करारोपण अधिकारी के पुत्र की हुई पोस्टिंग

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कोरबा। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू का मानना है कि  राज्य शासन द्वारा नियमों का शिथलीकरण करने से परिवार के मुखिया के आकस्मिक निधन से पीड़ित परिवार जो इस कष्ट से गुजरते हैं, उनके लिए नियुक्ति आदेश संतोष प्रदान करेगा। अपनो को खोने का दुःख तो आजीवन रहेगा, उस कमी को पूरा नही किया जा सकता।

 

श्रीमती साहू के जिले की कमान संभालने के दौरान जितनी भी अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित आवेदन रहें हैं, उनका त्वरित निराकरण करने का प्रयास किया गया है । इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती रानू साहू की पहल पर जनपद पंचायत करतला में सहायक आंतरिक परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी के मृत्यु होने के पश्चात उनके पुत्र को नौकरी मिल गई है। जनपद पंचायत करतला में सहायक आंतरिक परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी के पद में पदस्थ स्व. प्रताप सिंह पैकरा के पुत्र श्री अजय पैकरा को कार्यालय उपसंचालक पंचायत में  सहायक ग्रेड 3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है।

स्व. प्रताप सिंह पैकरा की  मृत्यु  लकवा से ग्रसित होने के कारण 25 नवम्बर  2021 को हो गई थी। प्रताप सिंह  के मृत्यु के पश्चात उनके इंजीनियरिंग स्नातक पुत्र श्री अजय पैकरा ने  अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था।

कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने संवेदनशीलता दिखाते हुए आवेदन पर त्वरित कार्रवाई की। कलेक्टर के त्वरित कार्रवाई के फलस्वरूप काफी कम समय में ही युवा अजय को अनुकंपा नियुक्ति मिल गई है। कम समय में नौकरी मिल जाने से अजय पैकरा और उनके परिवार वालों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया है। कलेक्टर श्रीमती साहू ने नियुक्ति पत्र जारी करते हुए अजय और उनके परिवार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अजय को पूरी निष्ठा और सेवा भाव से काम करने की भी सलाह दी।

राज्य शासन द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के 10 प्रतिशत पदों के सीमा बंधन को 31 मई 2022 तक शिथिल किया गया है। इसके फलस्वरूप स्व. प्रताप सिंह पैकरा के पुत्र अजय पैकरा को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। मूलतः कोरबा जिले के विकासखंड करतला अंतर्गत ग्राम बुढ़ियापाली निवासी 51 वर्षीय स्व. प्रताप सिंह पैकरा लगभग 5 वर्षों से जनपद पंचायत करतला में सहायक आंतरिक परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। उनके दो पुत्र हैं। नौकरी मिलने के बाद अजय पैकरा ने  बताया कि जिला प्रशासन द्वारा काफी कम समय में अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने से काफी प्रसन्नता हो रही है। उनके पिताजी की मृत्यु के पश्चात् परिवार को विपरित आर्थिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। कम समय में नौकरी मिल जाने से

उनकी माता और एक भाई के पढ़ाई लिखाई तथा पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने में सहायता मिलेगी।