KORBA: सूक्ष्म विवेचना से कैसे कसे दोषियों पर शिकंजा, कैसे हो सजा? …न्यायालयीन अधिकारियों व पुलिस विभाग के मध्य हुआ घंटो मंथन

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कोरबा। बदलते समय के साथ अपराधियों ने अपराध का तरीका बदला है तो विवेचना का तरीका भी कड़ाई से करना होगा तभी अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सकता हैं। ये कहना है एसपी संतोष सिंह का। उन्होंने आज एनटीपीसी के ईडीसी हॉस्टल में आयोजित कार्यशाला में न्यायालयीन अधिकारियों के साथ दोषियों पर शिकंजा कसने सूक्ष्म जांच पर घंटो मंथन किया।

बता दें कि पुलिस अधीक्षक कोरबा संतोष सिंह के द्वारा जिले में पदभार ग्रहण करने के पश्चात पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने हेतु नित नए प्रयोग कर रहें हैं । इसी दिशा में पुलिस अधिकारियों द्वारा अपराधों के विवेचना में की जाने वाली तकनीकी एवं कानूनी त्रुटियों को दूर करने के लिए अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के मध्य एक कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

 

एनटीपीसी दर्री ईडीसी हॉस्टल में आयोजित इस कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के साथ विशेष न्यायाधीश श्रीमती संघपुष्पा भतपहरी , विशेष न्यायाधीश एफटीसी विक्रम प्रताप चंद्रा , मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कृष्ण कुमार सूर्यवंशी मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराधियों ने अपराध का तरीका बदला है , उसी प्रकार कानूनों में भी संशोधन हो रहे हैं , किंतु पुलिस अधिकारीगण कानून व्यवस्था सहित अन्य व्यस्तताओं के कारण इन संशोधन से वाकिफ नहीं रह पाते और उनसे विवेचना में कई प्रकार की त्रुटियां हो जाती हैं। जिसका लाभ अपराधियों को मिलता है ।

इन्ही त्रुटियों को दूर करने के लिए समय-समय पर न्यायिक अधिकारियों के साथ कार्यशाला का आयोजन किया जाना चाहिए। जिससे गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं दोषी को दंडित किया जाना सुनिश्चित हो सके ।
विशेष न्यायाधीश श्रीमती संघपुष्पा भतपहरी के द्वारा नारकोटिक्स एक्ट के मामले में विवेचकों द्वारा की जाने वाली त्रुटियां एवं उनमें सुधार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष न्यायाधीश एफटीसी विक्रम प्रताप चंद्रा के द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के ऊपर घटित अपराध तथा पॉक्सो एक्ट के मामलों की विवेचना में होने वाले त्रुटियां एवं सुधार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई ।मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कृष्ण कुमार सूर्यवंशी द्वारा विवेचना एवं अनुसंधान में होने सामान्य कमियों को दूर करने के संबंध में जानकारियां दी गई । एसपी संतोष सिंह ने कहा कि आज के कार्यशाला से निश्चित तौर पर विवेचना अधिकारियों को लाभ मिलेगा जिसका परिणाम दोषियों को सजा के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी के रूप में देखने को मिलेगा ।इस कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा , नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा योगेश साहू, नगर पुलिस अधीक्षक दर्री सुश्री लितेश सिंह,एसडीओपी कटघोरा ईश्वर त्रिवेदी सहित सभी थाना चौकियों के प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे ।