Saturday, March 7, 2026
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KORBA BREAKING : सराफा व्यापारी के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझीः मास्टरमाइंड निकले ड्राइवर और उसका भाई

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The Duniyadari: कोरबा- सराफा व्यापारी गोपालराय सोनी की हत्या और उनके घर से वाहन व अन्य सामान चोरी की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। पुलिस की सतर्कता, 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के गहन विश्लेषण और सटीक जांच ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी है। मामले का मास्टरमाइंड और कोई नहीं, बल्कि मृतक का ड्राइवर आकाश पुरी गोस्वामी और उसका भाई सूरज पुरी गोस्वामी निकला।

घटना 5 जनवरी 2025 की रात की है, जब नचिकेता राय सोनी ने घर लौटने पर देखा कि उनके पिता, सराफा व्यापारी गोपाल राय सोनी, लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़े हैं। घर का सामान अस्त-व्यस्त था, और पोर्च में खड़ी हुण्डई क्रेटा कार (क्रमांक JH-01 CC-4455) गायब थी। घायल गोपाल राय सोनी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी (भापुसे) के नेतृत्व में 80 से अधिक पुलिसकर्मियों की 14 टीमें बनाई गईं। पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे घटना में शामिल संदिग्धों की पहचान हुई।

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतक के ड्राइवर आकाश पुरी गोस्वामी ने अपने भाई सूरज और दोस्त मोहन मिंज के साथ मिलकर हत्या और चोरी की योजना बनाई थी। योजना के अनुसार, आकाश ने अपने नियोक्ता गोपाल राय सोनी के घर की स्थिति की जानकारी दी, जबकि सूरज और मोहन ने घटना को अंजाम दिया।

मुखबिर की सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मोहन मिंज को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने जुर्म कबूल किया और बताया कि सूरज पुरी गोस्वामी ने गोपाल राय सोनी पर चाकू से हमला किया था। घटना में शामिल आकाश और मोहन ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल, लूटी गई वस्तुएं और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए।

फरार आरोपी की तलाश जारी

घटना का मुख्य साजिशकर्ता सूरज पुरी गोस्वामी फिलहाल फरार है। पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है।

आरोपियों का उद्देश्य मृतक के सराफा व्यवसाय से जुड़ी संपत्ति और दुकान की चाबी चुराकर बड़ा धन हासिल करना था। लेकिन पहचान हो जाने के डर से उन्होंने गोपाल राय सोनी की हत्या कर दी।

पुलिस की सराहनीय भूमिका चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूबीएस चौहान और अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निरीक्षक प्रमोद डनसेना, मोतीलाल पटेल, रूपक शर्मा सहित साइबर टीम और अन्य पुलिसकर्मियों ने अपने कार्यों से इस मामले का पटाक्षेप किया।