Sunday, May 26, 2024
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अवमानना : न्यायालय का आदेश नहीं मानती बांकी मोंगरा पुलिस.. अवैध कब्जा कराने के साथ पीड़ित व अधिवक्ता को भी चेतावनी

0 एसपी साहब, आपके थानेदार ने मुझे दिखाया पुलिसिया रौब, कोर्ट के आदेश की धज्जी उड़ाते हुए वादी को जबरन दे दिया मेरी दुकानों पर कब्जा

कोरबा। एसपी के समक्ष लिखित शिकायत में एक व्यक्ति ने थानेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसकी दो दुकानों पर कब्जे के विवाद का निपटारा 7 साल पहले हो गया था। न्यायालय ने उसके पक्ष में निर्णय देते हुए दुकानों का कब्जा दिलवाया। पर कुछ दिन पहले बाकी थानेदार अचानक दल बल के साथ आए और पुलिस की धौंस दिखाई। उन्होंने गाली गलौज की और जबरन उसे दुकानों का अवैध कब्जा दिलवा दिया, जो कोर्ट में केस हार गया था। शिकायतकर्ता ने थाना प्रभारी बांकी मोंगरा प्रमोद डडसेना पर अवैध तरीके से उसकी कब्जे की दोनों दुकानों में से बेदखल कर दूसरों को कब्जा दिलवाने का आरोप लगाया है। एसपी से कानून की रखवाली की बजाय कानून हाथ में लेने वाकेवथानेदार और उन सभी के विरूद्ध तत्काल वैधानिक कार्यवाही की मांग की है।

 

 

पुलिस अधीक्षक के समक्ष यह लिखित शिकायत कुदरीपारा मेन रोड, हटरी के सामने बांकी मोंगरा में रहने वाले रामलाल चौहान पिता-मालिक राम चौहान ने की है। उसने अपनी शिकायत में लिखा है कि कुदरीपारा मेन रोड, हटरी के सामने बांकी मोंगरा में उसकी 2 दुकान है। इन पर हेतराम साहू द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया था। उसके अवैध कब्जा करने के संबंध में रामलाल ने प्रथम अपर जिला न्यायाधीश कटघोरा में हेतराम के विरुद्ध वाद दायर किया था। जिसमें न्यायालय द्वारा 20 मार्च 2017 को आदेश पारित करते हुए वादभूमि (2 दुकान) को हेतराम से रामलाल चौहान को कब्जा प्रदान कराए जाने का निर्णय एवं डिक्री पारित किया गया। प्रथम अपर जिला न्यायाधीश कटघोरा द्वारा उपरोक्त दोनों दुकानों पर वादी रामलाल को कब्जा दिलाने तथा दुकान में उपलब्ध सामानों को कुर्क कर निलाम कर वाद व्यय शुल्क वादी रामलाल चौहान को दिलाने के लिए कब्जा वारंट जारी की। न्यायालय ने स्पेशल मचकुरी (विशेष आदेशिका वाहक) को 20 अप्रैल 2024 को भेजा गया था। जहां स्पेशल मचकुरी के द्वारा वारंट तामिल करते हुए वादी को विवादित दोनों दुकान का कब्जा प्रदान कराया गया। इसी दिन से वादी रामलाल अपने दोनों दुकान पर निर्विवाद काबिज होकर निवास कर रहा था।

इसके बाद इसी माह 27 अप्रैल 2024 को बांकी मोंगरा के थाना प्रभारी प्रमोद डडसेना अपने साथ अन्य पुलिस कर्मियों को साथ रामलाल की दुकान पर पहुंचा। उन्होंने पूछा कि क्या तुम ही रामलाल हो। जवाब में हां सुनते ही थाना प्रभारी उसके साथ गाली-गलौच करने लगा और दुकान से बाहर खींचकर निकाल दिया। थानेदार ने जबरन अपने चार पहिया वाहन में बैठने के लिए कहा। इस दौरान प्रतिवादी हेतराम एवं उसके अन्य महिला रिश्तेदार वहां आ गए और पुलिस की मौजूदगी में उन्होंने दोनों दुकानों को कब्जा में ले लिया। इसके साथ ही रामलाल और उसके पुत्र को थाने ले आए और लगभग 2 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा। जब थाना प्रभारी को यह जानकारी मिली कि हेतराम साहू एवं उसके परिवार ने उपरोक्त दोनी दुकानों पर फिर से कब्जा ले लिया है, उन्हें यह चेतावनी देते हुए छोड दिया गया कि दुबारा उस दुकान के आस-पास दिखे तो बिना देर जेल दाखिल करूंगा। रामलाल ने थानेदार पर तत्काल कार्यवाही की मांग एसपी से की है।

पुत्र समेत जबरन थाने ले गए, वकील को धमकाया, दुकान में छोड़ दिए 3 पुलिसकर्मी

कोर्ट के माध्यम से कब्जा हासिल होने की बात बताई और रामलाल के निवेदन के बाद भी थाना प्रभारी ने कोई बात नहीं सुनी। रामलाल और उसके पुत्र सुरेश कुमार चौहान को दुकान में अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए थाना ले गए। इस दौरान थानेदार ने उसके अधिवक्ता को भी फोन लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। इतना ही नहीं, दुकान पर 3 पुलिसकर्मी को तैनात कर दिए, ताकि कोई भी हेतराम को कब्जा लेने में व्यवधान उत्पन्न ना करे। रामलाल का आरोप है कि इस प्रकार थाना प्रभारी बांकी मोंगरा प्रमोद डडसेना के द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए अवैध तरीके से दुकान से बेदखल कर दिया।

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