Monday, April 22, 2024
Homeछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में ओमिक्रॉन के 15 नए मरीज, इनमें 2 बच्चे, 36 मामलों...

छत्तीसगढ़ में ओमिक्रॉन के 15 नए मरीज, इनमें 2 बच्चे, 36 मामलों की पुष्टि

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना की तीसरी लहर के बीच पिछले 24 घंट में ओमिक्रान वैरिएंट के 15 नए मरीज मिले हैं। वहीं शनिवार को कोरोना के 5661 केस मिले हैं। वहीं 11 मरीजों की मौत हुई है। राजधानी रायपुर में कोरोना के 1789 नए केस मिले हैं तथा एक मरीज की मौत हुई है। नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के 15 नये मरीज मिले हैं। इनमें 2 बच्चे भी हैं। इसके साथ ही प्रदेश में ओमिक्रान के 21 मामलों की पुष्टि हो चुकी हैं, इनमें एक केस स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का भी है।

5% सैंपल को जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजा जा रहा है भुवनेश्वर

बताया जा रहा है, कोरोना से मरने वालों के नमूनों में से रैंडमली 5% को जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भुवनेश्वर भेजा जाएगा। इसके जरिए यह जानने की कोशिश हो रही है कि कोई वैरिएंट कितना घातक है। सामान्य रूप से हो रही जांच में से 5% सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए पहले भी भेजे जा रहे हैं। अभी तक करीब सवा चार हजार नमूने भुवनेश्वर भेजे जा चुके हैं।

प्रदेश में इन वैरिएंट के मरीज

इसमें प्रमुख रूप से डेल्टा, बी-1, बी-617, बी-671.2, बी-1617.2, काप्पा, यूके और ओमिक्रॉन वैरिएंट शामिल हैं। तीसरी लहर के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट के 21 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन ये सभी लोग पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जीनोम सीक्वेंसिंग के नतीजों से यह पता चलेगा कि कौन सा वैरिएंट अधिक मौत की वजह बन रहा है। यहीं नहीं मरीज को संक्रमण की वजह से हुई दिक्कतों और मौत के कारणों को समझने में भी आसानी होगी। प्रदेश में अब तक 13 हजार 705 मरीजों की जान इस महामारी की वजह से जा चुकी है।

मरने वालों में कई को दूसरी बीमारी भी थी

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कोरोना की वजह से जो मौतें हुई हैं, उनमें अधिकतर लोग दूसरी बीमारियों के शिकार रहे हैं। गंभीर रूप से बीमार होने से पहले उनको कोरोना भी हुआ। मृतकों में कई दुर्घटना के शिकार लोग भी हैं। डेथ ऑडिट से इनकी संख्या 65% से अधिक पाई गई है। 46 से 60 साल आयु वर्ग के लोगों की सबसे अधिक मौत कोरोना की वजह से हुई है।

टीका नहीं लगवाना भी एक बड़ी वजह

कोरोना के घातक हो जाने में टीका नहीं लगवाना भी एक बड़ी वजह हो सकती है। तीसरी लहर के दौरान हुई मौतों के विश्लेषण से साफ हुआ है कि मरने वालों में से करीब 56% लोगों ने कोई टीका ही नहीं लगवाया था। 25% लोग दोनों डोज लगवा चुके थे, वहीं 18% ने केवल एक टीका लगवाया था। डॉक्टरों का कहना है, टीकाकरण की वजह से संक्रमण एकदम से 100% बचाव तो नहीं हुआ। लेकिन इससे मरने के चांस कम हो गए हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments