Thursday, May 23, 2024
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जानें कब आ रही है भारत की डिजिटल करेंसी, नाम होगा ‘डिजिटल रुपया’

नई दिल्ली। क्रिप्टो या डिजिटल मुद्राओं को लेकर दुनियाभर में दीवानगी है और भारत में भी एक अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में इसका देशी संस्करण पेश किया जाएगा, जो भौतिक रूप से प्रचलित मुद्रा के डिजिटल रूप को प्रतिबिंबित करेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मंगलवार को संसद में पेश आम बजट के मुताबिक ‘डिजिटल रुपया’ नामक यह मुद्रा, रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल रूप में जारी किया जाएगा और इसे भौतिक मुद्रा के साथ बदला जा सकेगा।

सीबीडीसी को नियंत्रित करने वाले विनियमन को अंतिम रूप देना बाकी
इस केंद्रीय बैंक की डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) को नियंत्रित करने वाले विनियमन को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। सीबीडीटी एक डिजिटल या आभासी मुद्रा है, लेकिन इसकी तुलना निजी आभासी मुद्राओं या क्रिप्टो करेंसी से नहीं की जा सकती है, जिनका चलन पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है। निजी डिजिटल मुद्राएं किसी भी व्यक्ति की देनदारियों का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं, क्योंकि उनका कोई जारीकर्ता नहीं है। वे निश्चित रूप से मुद्रा नहीं हैं।

निजी क्रिप्टो करेंसी के विरोध में है आरबीआई
आरबीआई निजी क्रिप्टो करेंसी का कड़ा विरोध कर रहा है, क्योंकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता पर प्रभाव डाल सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सीबीडीसी की शुरुआत से डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

ब्लॉक चेन पर आधारित होगी डिजिटल करेंसी
उन्होंने कहा, डिजिटल करेंसी से एक अधिक दक्ष तथा सस्‍ती करेंसी प्रबंधन व्‍यवस्‍था वजूद में आएगी। डिजिटल करेंसी ब्‍लॉक चेन तथा अन्‍य प्रौद्योगिकियों का उपयोग करेगी।

अन्य डिजिटल संपत्तियों पर लेने-लने करने पर 30% टैक्स

इसी के साथ आम बजट में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल संपत्तियों पर लेन-देन को लेकर 30 प्रतिशत कर लगाने का फैसला लिया गया है। अपने बजट भाषण में सीतारमण ने ऐसी संपत्तियों को कर के दायरे में लाने के लिये इस संपत्ति की श्रेणी में एक सीमा से अधिक के लेन-देन पर एक प्रतिशत टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) लगाने का भी प्रस्ताव किया।

क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरएक्स के मुख्य कार्यकारी एवं संस्थापक निश्चल शेट्टी ने कहा, अंतत: भारत देश में क्रिप्टो क्षेत्र को कानूनी रूप देने की राह पर है। शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी में भागीदार अमित सिंघानिया ने कहा, क्रिप्टो लेनदेन पर टीडीएस लागू करने से सरकार इस तरह के लेनदेन पर बेहतर तरीके से नजर रख सकेगी।

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