Friday, October 23, 2026
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सड़क नहीं, सिस्टम की नाकामी: कंधों पर उठाया गया आदिवासी युवक का शव

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The Duniyadari : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक दुर्गम अंचल से सामने आई घटना ने विकास के दावों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क सुविधा के अभाव में एक आदिवासी परिवार को अपने ही युवक के शव को खाट पर रखकर कंधों पर उठाते हुए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण शव वाहन वहां तक नहीं पहुंच सका, जिससे परिजन और ग्रामीण असहाय नजर आए।

परिस्थितियों से मजबूर होकर परिवार ने शव को स्वयं उठाया और मुख्य मार्ग तक ले जाकर पोस्टमार्टम की व्यवस्था कराई। मृतक की पहचान आदिवासी युवक सुरेंद्र तिर्की के रूप में हुई है, जिसकी तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। 31 दिसंबर को ग्राम लकरालता के तालाब से उसका शव बरामद किया गया। यह मामला सीतापुर थाना क्षेत्र के भारतपुर–लकरालता गांव का है।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आज़ादी के दशकों बाद भी कई दूरस्थ गांवों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा क्यों नहीं पहुंच पाई है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय विधायक ने बताया कि संबंधित सड़क का भूमि पूजन पहले ही किया जा चुका है। बरसात के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया है कि जनवरी माह में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और 8 से 9 महीनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विधायक ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि विष्णुदेव साय सरकार के कार्यकाल में सीतापुर क्षेत्र की सड़कों का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है और आने वाले समय में ऐसी समस्याओं से लोगों को राहत मिलेगी।