Monday, April 22, 2024
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समय के बाद शुरू होता है ऑफिस और समय से पहले बंद… दफ्तर में पसरा रहता सन्नटा, बेलगाम हुए अधिकारी…

कोरबा। सरकारी कार्यालयों का सरकार ने कार्यालयीन कामकाज का समय सुबह 10 से शाम 5.30 बजे कर दिया है। इसके बावजूद अधिकारी- कर्मचारी सुबह निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे है। वहीं शाम को पांच बजते ही कार्यालयों सन्नााटा पसरने लगता हैं। कार्यालय में पहुुंचने का ही नहीं बल्कि निकलने के समय का पालन नहीं किया जा रहा है।

राज्य सरकार कर्मचारियों को सप्ताह में रविवार के अलावा शनिवार को भी अवकाश कर दिया है। इसके बदले प्रतिदिन कार्यालयीन समय में एक घंटा की बढ़ोतरी की गई है। कार्यालयों में अधिकारी- कर्मचारी समय पर उपस्थिति नहीं हो रहे हैं। नईदुनिया की टीम ने मंगलवार को शाम पांच बजे पड़ताल की तो जिला खनिज विभाग, सहायक आयुक्त व खाद्य विभाग के कार्यालयों की कई कुर्सियां खाली मिलीं। जिला पंचायत के शाखाओं में भी काम- काज शाम पांच बजे थमा गया। शाम को पांच बजते ही सामान्य चहल पहल समाप्त हो जाती है। जिसका लाभ उठाते हुए कर्मचारी नदारतर होना शुरू कर देऐ हैं। इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी एसएस नाग से चर्चा किए जाने पर उन्होने बताया कि सभी कर्मचारियों को बदले हुए समय पर उस्थित रहने के लिए कहा गया है। जिला खाद्य अधिकारी जेके सिंह का कहना है उपस्थिति को लेकर सरकारी नियम का पालन करने की जानकारी सभी अधीनस्थ कर्मचारियों को दिया गया है। यहां बताना होगा कि कलेक्टर के दौरे पर कर्मचारियों की नजर रहती है। शीर्ष अधिकारियों के दौरे पर निकलते ही कार्यालय के काम काज की गति थम जाती है। जिला कार्यालय परिसर के विभिन्ना विभागों कें पदस्थ 20 फीसद कर्मचारी ऐसे हैं जो जांजगीर, बिलासपुर, पाली से आकर काम करते हैं। ये कर्मचारी मुख्यालय भत्ता ले रहे हैं पर रोज बस और ट्रेन से अप डाउन करते हैं। दूर दराज के कर्मचारी सहित निकटवर्ती कर्मचारियों की नजर पांच बजते ही घड़ी की सुई पर टिक जाती है। यह मामला केवल सुबह और शाम का ही नहीं बल्कि दोपहर भोजन अवकाश का भी है। भोजन अवकाश का समय किसी भी कार्यालय में चस्पा नहीं किया गया है। ऐसे में कर्मचारी तीन बजे तक अपनी कार्यालयीन सीट से गायब रहते हैं।

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