अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना बनी बदलाव की मिसाल, कोरबा में नवदंपत्ति को मिला सम्मान

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The Duniyadari : कोरबा, 31 जनवरी सामाजिक समरसता को मजबूत करने और भेदभाव की मानसिकता को समाप्त करने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना आकांक्षी जिला कोरबा में सकारात्मक प्रभाव दिखा रही है। इस योजना का लाभ पाकर राजेन्द्र आनंद और योगिता का वैवाहिक जीवन नई उम्मीदों और खुशियों से भर गया है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने नवविवाहित दंपत्ति को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सम्मान सामाजिक सौहार्द और समानता के संदेश को और सशक्त बनाता है।

आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजेन्द्र आनंद (पिता मुकुल आनंद), अनुसूचित जाति वर्ग से, निवासी इंदिरा नगर वार्ड क्रमांक 03, जिला कोरबा तथा योगिता (पिता साधुराम), मरार समाज (अन्य पिछड़ा वर्ग), निवासी कांकेर के बीच हुए विवाह को शासन की योजना के अंतर्गत मान्यता दी गई है।

विवाह के पश्चात आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित अस्पृश्यता निवारणार्थ अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत दंपत्ति को 2 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। इस पहल को सामाजिक समानता की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है, जो समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे रहा है।