छत्तीसगढ़ बंद पर बघेल का हमला, बोले– सरकार की चुप्पी से बढ़ रहा असंतोष

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The Duniyadari : रायपुर। छत्तीसगढ़ में 24 दिसंबर को सर्व समाज द्वारा घोषित बंद को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाज के लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने तक नहीं दिया जाता, ऐसे में अचानक बंद का आह्वान होना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस धर्मांतरण के खिलाफ है, लेकिन कांकेर की घटना के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार जिम्मेदार है।

बघेल ने कहा कि इससे पहले कोंडागांव और बस्तर क्षेत्र में भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान तक गई है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अब तक क्या कर रही थी? उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ एक नहीं, कई दिनों तक बंद होता है तो भी आपत्ति नहीं, लेकिन सरकार को समस्याओं का स्थायी समाधान तलाशना चाहिए। केवल बंद से हालात नहीं सुधरेंगे।

धान खरीदी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप

धान खरीदी के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग सभी खरीदी केंद्रों से शिकायतें मिल रही हैं। राज्य और केंद्र सरकार के ऐप से किसान बेहद परेशान हैं। पट्टाधारी हजारों किसानों की जमीन का धान नहीं खरीदा जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर रकबा कम दिखाने की कोशिश कर रही है, ताकि कम धान खरीदना पड़े।

भूपेश बघेल ने दावा किया कि जहां ऑनलाइन सिस्टम में किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा, वहीं ऑफलाइन व्यवस्था में भाजपा से जुड़े लोग धान बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐप पांच मिनट में बंद हो जाता है। उनके विधानसभा क्षेत्र के एक खरीदी केंद्र में एक हजार कट्टा अवैध धान मिलने का भी उन्होंने आरोप लगाया।

नक्सल मुद्दे पर भाजपा पर पलटवार

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आरोपों पर पलटवार करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि नड्डा जी अब नींद से जागे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर और मंत्रियों के बंगलों में नक्सली हफ्ता वसूली के लिए आते थे। उन्होंने कहा कि अगर इस पर संदेह है तो मोहला-मानपुर सीट के प्रत्याशी की पत्नी से पूछा जा सकता है, जिन्होंने रमन सिंह के सामने यह बात कही थी।

झीरम कांड को बताया राजनीतिक साजिश

बघेल ने कहा कि भाजपा की नक्सलियों से सांठगांठ रही है। झीरम घाटी कांड को लेकर नरेंद्र मोदी ने 15 दिन में दोषियों को पकड़ने का दावा किया था, लेकिन आज तक सच्चाई सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि एनआईए कोर्ट के निर्देश के बावजूद सरेंडर नक्सलियों से पूछताछ नहीं हुई। झीरम घटना को उन्होंने राजनीतिक आपराधिक षड्यंत्र बताया, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेता शहीद हो गए।

छत्तीसगढ़ियों की हत्या पर सरकार की चुप्पी

पूर्व मुख्यमंत्री ने केरल में छत्तीसगढ़ के युवक की हत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उसे बांग्लादेशी बताकर मार दिया गया। वहां के मंत्री तक कह रहे हैं कि इसमें RSS से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया लोगों को देश के अलग-अलग हिस्सों में निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार पूरी तरह मौन है। यही भाजपा का दोहरा चरित्र है।