छत्तीसगढ़ में ईडी की बड़ी कार्रवाई: 575 करोड़ रुपये के डीएमएफ घोटाले में 18 ठिकानों पर छापेमारी

59

The Duniyadari: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में 575 करोड़ रुपये के जिला खनिज निधि (डीएमएफ) घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और राजिम समेत कई शहरों में 18 ठिकानों पर ईडी की टीम ने छापेमारी की।

क्या है मामला?

ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, डीएमएफ फंड का दुरुपयोग कृषि उपकरणों की सप्लाई के नाम पर किया गया। टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और ठेकेदारों को अवैध लाभ पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं। ईडी ने इस मामले में कई कारोबारियों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

छापेमारी के दौरान क्या हुआ?

ईडी की टीम ने तड़के 5 बजे से छापेमारी शुरू की और कई जगहों पर दबिश दी। इनमें रायपुर के शंकर नगर में कारोबारी विनय गर्ग के आवास, स्वर्णभूमि कॉलोनी में होटल व्यवसायी मनीदीप चावला के निवास और कृषि उपकरणों का कारोबार करने वाले राजेश अग्रवाल के घर शामिल हैं।

राजनीतिक बयानबाजी

इस मामले में वन मंत्री केदार कश्यप और राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बयान देते हुए तत्कालीन सरकार पर निशाना साधा है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ईडी के पास ज्यादा कोई काम नहीं बचा है और भाजपा सरकार के घोटालों की जांच क्यों नहीं की जाती है ¹.

जांच की पुष्टि

इस मामले की जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा पेश किए गए 6 हजार पेज के चालान से पुष्टि हुई है। ईडी ने कृषि विभाग के कई अफसरों से पूछताछ की थी और डीएमएफ की राशि से ज्यादातर जिलों में कृषि सामग्री की खरीद हुई थी ¹.