The Duniyadari: Raipur- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और तथ्यात्मक बनाने के लिए अहम बदलाव किया है। अब अग्रिम और नियमित जमानत के लिए आवेदन करने वालों को पुराने सामान्य फॉर्म की जगह तय टेबल में पूरी जानकारी देनी होगी।
सोमवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक ‘छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय नियम, 2007’ में संशोधन कर यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नए नियम के बाद जमानत अर्जी पहले से ज्यादा विस्तृत होगी और कोर्ट के पास सुनवाई के वक्त पूरे मामले का रिकॉर्ड रहेगा।
*नए फॉर्म में ये 6 जानकारियां जरूरी*
हाईकोर्ट ने जमानत आवेदन को छह हिस्सों में बांटा है:
*1. केस का पूरा ब्यौरा*: FIR नंबर, दर्ज होने की तारीख, थाना, लगाई गई धाराएं और उन धाराओं में मिलने वाली अधिकतम सजा का उल्लेख करना होगा।
*2. गिरफ्तारी की जानकारी*: गिरफ्तारी की तारीख और अब तक जेल में बिताई गई कुल अवधि बतानी होगी।
*3. ट्रायल का स्टेटस*: केस किस स्टेज पर है, जांच चल रही है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है या ट्रायल शुरू है। कुल गवाहों की संख्या और कितने गवाहों के बयान हो चुके हैं, यह भी लिखना होगा।
*4. पुराना आपराधिक रिकॉर्ड*: आवेदक के खिलाफ पहले दर्ज FIR और केसों की जानकारी देनी होगी। साथ ही बताना होगा कि वे केस लंबित हैं, आवेदक बरी हुआ है या सजा मिली है।
*5. पिछली जमानत अर्जियां*: पहले कभी जमानत के लिए आवेदन किया था या नहीं। किया था तो किस कोर्ट में और उसका क्या फैसला रहा।
*6. वारंट और भगोड़ा घोषित होने की स्थिति*: अगर आवेदक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ है या उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है तो उसका पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा।
हाईकोर्ट का मानना है कि इससे जजों को फैसला लेने में आसानी होगी और जमानत प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। नए फॉर्म के बिना अब जमानत अर्जी स्वीकार नहीं की जाएगी।














