Tuesday, June 9, 2026
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जंगली सुअर शिकार मामले में नया मोड़, रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद वन विभाग ने बैठाई जांच

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The Duniyadari: KORBA जिले के कटघोरा वनमंडल में जंगली सुअर के शिकार से जुड़ा मामला अब वन्यजीव अपराध से आगे बढ़कर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों तक पहुंच गया है। शिकार प्रकरण में कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपियों को बचाने के एवज में पैसों के लेन-देन की चर्चा ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, पसान वन परिक्षेत्र के लैंगा बीट अंतर्गत करी गांव में कुछ ग्रामीणों ने जंगली सुअर का शिकार किया था। शिकार के बाद मांस को बांटने और पकाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान वन विभाग को सूचना मिली, जिसके बाद फॉरेस्ट गार्ड राम कुमार कोराम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। साथ ही शिकार में प्रयुक्त सामग्री भी जब्त की गई।

इसी बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी ग्रामीणों के बीच बैठकर घटना का जिक्र करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह दावा करती नजर आ रही हैं कि शिकार के आरोपियों ने कथित रूप से फॉरेस्ट गार्ड को बड़ी रकम देकर कार्रवाई से बचने की कोशिश की। साथ ही वह यह भी कहती सुनाई दे रही हैं कि पूरे मामले में उन्हें आलोचना और बदनामी का सामना करना पड़ा।

वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया है। कटघोरा वनमंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने मामले की जांच के आदेश देते हुए पसान रेंजर मनीष सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जंगली जानवरों का शिकार कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।