The Duniyadari : जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस की छवि को धूमिल करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। महिला अधिवक्ता से अवैध रूप से रुपये लेने के आरोप में थाना बिर्रा में पदस्थ आरक्षक रंजीत कुमार अनंत पर गाज गिर गई है। शिकायत की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 2 जनवरी को चांपा न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में एक मामले की जमानत प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान संबंधित आरक्षक ने कथित तौर पर यह भरोसा दिलाया कि जमानतदार न होने की स्थिति में वह “प्रबंधन” के जरिए बिना जमानतदार के जमानत दिलवा सकता है। इसके एवज में उसने पहले तीन हजार रुपये की मांग की।
बताया गया कि अधिवक्ता द्वारा नकद राशि उपलब्ध न होने की बात कहने पर आरक्षक ने डिजिटल भुगतान का दबाव बनाया। मजबूरी में अधिवक्ता ने बताए गए मोबाइल नंबर पर फोन-पे के माध्यम से एक हजार रुपये भेज दिए। घटना के बाद अधिवक्ता ने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक से की।
शिकायत मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की प्राथमिक जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आरोपी आरक्षक को निलंबन पर डाल दिया गया है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।














