The Duniyadari: बांग्लादेश: हालिया आम चुनावों के बाद बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब दो दशक बाद तारिक रहमान और उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को स्पष्ट जनादेश मिला है। दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में वापसी ने लंबे समय से चल रहे राजनीतिक अनिश्चितता के दौर को खत्म कर दिया है, जो अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बना था।
चुनावी जीत के बाद नई सरकार के भारत के साथ संबंधों और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के मुद्दे पर अलग-अलग संकेत सामने आए हैं। रहमान ने कहा कि उनकी विदेश नीति का केंद्र बांग्लादेश के राष्ट्रीय हित होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई सरकार भारत समेत पड़ोसी देशों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखने की पक्षधर है और किसी एक देश पर निर्भर रहने की नीति नहीं अपनाएगी।
इस बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने चुनाव परिणाम के दिन ही हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई। हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की एक अदालत द्वारा 2024 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद ढाका ने उनके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक पहल की है। BNP नेताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया कानूनी दायरे में और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर तय होगी।
तारिक रहमान ने अपनी जीत को लोकतंत्र की बहाली का संकेत बताते हुए कहा कि देश एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उनके अनुसार, आर्थिक चुनौतियों और राजनीतिक अस्थिरता के बीच मिली यह जीत जनता की आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई सरकार का लक्ष्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और नागरिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करना होगा।






























