दिल दहला देने वाला मंजर: पांच माह के बेटे ने दी शहीद पिता को मुखाग्नि

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The Duniyadari : बालोद। देश सेवा के दौरान जान गंवाने वाले सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर जब तिरंगे में लिपटकर उसके गृहग्राम पहुंचा, तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। जवान की शहादत की खबर से हर घर शोक में डूब गया और अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा।

बताया गया कि जवान की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद दिल का दौरा पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई। सबसे मार्मिक क्षण तब आया, जब महज पांच महीने के मासूम बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देख मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।

परिवार इस समय खुशी के एक अवसर की तैयारी में जुटा था। जवान जल्द ही घर आने वाला था, जहां उसके नवजात बेटे का नामकरण संस्कार होना था। पत्नी और परिजन उसी दिन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

जवान का पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ गांव लाया गया। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जहां सुरक्षा बलों के जवानों, प्रशासनिक अधिकारियों और सैकड़ों ग्रामीणों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

शहीद जवान अपने पीछे पत्नी, पांच माह का बेटा और एक छोटी बेटी छोड़ गए हैं। गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए और हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी—देश ने एक बहादुर सपूत खो दिया।