The Duniyadari : खड़गांव थाना क्षेत्र के ग्राम घोटिया में एक बुजुर्ग के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर उत्पन्न हुआ विवाद प्रशासनिक हस्तक्षेप से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई थी, जब परिजन शव को गांव में दफनाने की तैयारी कर रहे थे और ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 80 वर्षीय सुकाल सिंह मंडावी का उपचार के दौरान कांकेर जिले के अस्पताल में निधन हो गया था। परिजन शव को उनके मूल गांव घोटिया लेकर पहुंचे और ईसाई रीति से अंतिम संस्कार की तैयारी की। गांव में शव पहुंचते ही ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और कहा कि मृतक एवं उनका परिवार वर्षों पूर्व ईसाई धर्म अपना चुके हैं, इसलिए गांव की पारंपरिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार संभव नहीं है।
विवाद की सूचना मिलते ही खड़गांव थाना प्रभारी संजय यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में लंबी चर्चा के बाद सहमति बनी कि अंतिम संस्कार ग्राम घोटिया के बजाय मानपुर स्थित ईसाई कब्रस्तान में किया जाएगा। निर्णय के बाद ग्रामीणों ने विरोध समाप्त कर दिया।
पुलिस की निगरानी में शव को सुरक्षित रूप से मानपुर ब्लॉक मुख्यालय ले जाया गया, जहां नायब तहसीलदार दिलीप साहू और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में देर शाम ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
थाना प्रभारी संजय यादव ने बताया कि समय रहते संवाद और आपसी समझदारी से मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया। उन्होंने आमजन से अपील की कि संवेदनशील मामलों में संयम बनाए रखें और किसी भी मतभेद का समाधान बातचीत से करें।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि धार्मिक और सामाजिक संवेदनशील मामलों में पुलिस-प्रशासन की त्वरित सक्रियता और मध्यस्थता तनावपूर्ण स्थितियों को टालने में अहम भूमिका निभाती है।














