The Duniyadari: रायपुर/दिल्ली- केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह नए कानून ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी–जी राम जी विधेयक के क्रियान्वयन की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी।
यह कानून 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में कहा कि अब ग्रामीण मजदूरों को साल में 100 की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अधिसूचना जारी होते ही नियम बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्यों से सलाह-मशविरा किया जा रहा है। 1 जुलाई तक ट्रांजिशन पीरियड में मनरेगा के सभी प्रावधान लागू रहेंगे। अधूरे काम मनरेगा के तहत ही पूरे किए जाएंगे। राज्यों को तैयारी के लिए अधिकतम 6 महीने का समय मिलेगा। 1 जुलाई के बाद तैयारी न होने पर भी फंडिंग नए कानून के तहत ही होगी।
शिवराज सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र ने योजना के लिए बजट में 95,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया है। राज्यों के बजट मिलाकर कुल राशि 1,51,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।
मजदूरों को भुगतान डीबीटी से सीधे बैंक या डाकघर खाते में होगा। कोशिश 3 दिन में भुगतान की है, लेकिन अधिकतम 15 दिन में पैसा पहुंच जाएगा। देरी पर मजदूरों को अतिरिक्त राशि मिलेगी। काम मांगने पर रोजगार न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता भी देना होगा।
योजना से गांवों में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर के काम होंगे। जल संरक्षण, सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, आंगनवाड़ी भवन, खेतों से जुड़े काम कराए जाएंगे। स्वयं सहायता समूह की दीदियों और FPO के लिए वर्किंग शेड जैसी अधोसंरचना भी बनेगी। बाढ़ वाले इलाकों में रिटेनिंग वॉल जैसे काम भी इस योजना में शामिल हैं। कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले, इसके लिए प्रशासनिक खर्च 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीब, श्रमिक परिवारों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और किसानों के लिए नई आशा लेकर आएगी। विकसित गांव से ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा।















