The Duniyadari: रायपुर- सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे डॉक्टरों के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को दो साल की जगह तीन साल का अध्ययन अवकाश मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। यह फैसला वित्त विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया गया है।
नए आदेश के अनुसार, अध्ययन अवकाश की अवधि बढ़ाने का उद्देश्य डॉक्टरों को पीजी कोर्स पूरा करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें पढ़ाई और प्रशिक्षण के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, इस फैसले का लाभ सभी डॉक्टरों को नहीं मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 3 मार्च 2025 के बाद अनुमति लेकर पीजी करने गए या आगे जाने वाले डॉक्टर ही इस सुविधा के पात्र होंगे।
वहीं, वर्ष 2021, 2022 और 2023 बैच के वे नियमित डॉक्टर जो 2025 से पहले ही उच्च शिक्षा के लिए जा चुके हैं, उन्हें इस नई व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पाएगा। इस पर छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने कहा कि अध्ययन अवकाश बढ़ाने का निर्णय लंबे समय से चल रही मांग और लगातार बातचीत का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने बैच के डॉक्टरों को भी इस सुविधा में शामिल करने पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।















