Sunday, August 16, 2026
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बांगो डैम में तेजी से बढ़ा जलस्तर, 7 गेट खोले गए; हसदेव में छोड़ा जा रहा 41 हजार क्यूसेक पानी

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The Duniyadari: कोरबा, 16 अगस्त 2026। लगातार हो रही बारिश के चलते मिनीमाता बांगो जलाशय में पानी की आवक काफी बढ़ गई है। जलाशय करीब 94.42 प्रतिशत भर चुका है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए जल संसाधन विभाग ने बांध के सात रेडियल गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, बांध के सात गेटों से लगभग 32 हजार क्यूसेक पानी हसदेव नदी में पहुंचाया जा रहा है। वहीं जल विद्युत संयंत्र के जरिए करीब 9 हजार क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। दोनों माध्यमों को मिलाकर हसदेव नदी में लगभग 41 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा जा रहा है।

बढ़ती आवक के बाद बढ़ाई गई पानी की निकासी

बांगो बांध के कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती के अनुसार, 15 अगस्त की सुबह जलाशय का जलभराव स्तर 358.7 मीटर तक पहुंचने पर शुरुआती तौर पर तीन गेट खोले गए थे। बारिश और कैचमेंट क्षेत्र से लगातार पानी आने के कारण जलाशय का स्तर बढ़ता रहा। इसके बाद स्थिति को देखते हुए चार अतिरिक्त गेट भी खोल दिए गए।

बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण हसदेव नदी के आसपास प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की ओर से बांध से लगे 34 गांवों को अलर्ट किया गया है।

नदी किनारे जाने से बचने की अपील

प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को मुनादी के माध्यम से भी सतर्क किया जा रहा है।

बांध के गेट खुलने के बाद पानी के तेज बहाव को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। बारिश के मौसम में बांगो बांध पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी रहता है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी और बांध के आसपास जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।

चार दिनों तक बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने आने वाले चार दिनों में सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी दी गई है।

बारिश का सिलसिला जारी रहने और बांध से पानी छोड़े जाने के कारण हसदेव नदी का जलस्तर आगे और बढ़ सकता है। प्रशासन की टीमें नदी किनारे बसे गांवों की स्थिति पर नजर रख रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार, जलाशय में पानी की आवक में यदि और वृद्धि होती है तो बांध की सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए पानी की निकासी की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है।