Monday, August 17, 2026
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बाबा रामदेव का संदेश: ‘समाज में डर नहीं, एकता और बच्चों की शिक्षा को मिले प्राथमिकता’

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The Duniyadari: Raipur- राजधानी रायपुर पहुंचे योग गुरु बाबा रामदेव ने सामाजिक एकता और बच्चों की शिक्षा को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत में अलग-अलग धर्मों, जातियों और समुदायों के लोगों को किसी तरह के भय में रहने की जरूरत नहीं है। देश की मजबूती आपसी सद्भाव और एकजुटता में है।

मीडिया से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध सहित विभिन्न सामाजिक वर्गों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समुदाय को खतरे में बताकर समाज में डर या विभाजन की स्थिति पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से जाति और धर्म के आधार पर मतभेद बढ़ाने के बजाय राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की अपील की।

बच्चों को आंदोलन से दूर रखने की अपील

बाबा रामदेव ने विरोध प्रदर्शनों में छोटे बच्चों की भागीदारी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को आंदोलनों में शामिल करने के बजाय उनकी पढ़ाई और विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

उनके अनुसार, कम उम्र के बच्चों को अक्सर यह पूरी तरह समझ नहीं होता कि किसी प्रदर्शन का मुद्दा क्या है और उसमें उनकी भूमिका क्यों है। ऐसे में बच्चों का समय शिक्षा, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण में लगना ज्यादा जरूरी है।

शिक्षा और संस्कार को बताया अहम

रामदेव ने कहा कि बच्चों के भविष्य की नींव उनकी शिक्षा और अच्छे संस्कारों से तैयार होती है। कम उम्र में उन्हें सामाजिक या राजनीतिक टकराव का हिस्सा बनाने से उनकी पढ़ाई और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से मिल-जुलकर रहने और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की। उनका कहना था कि देश की विविधता ही उसकी ताकत है और सभी समुदायों को साथ लेकर आगे बढ़ना ही राष्ट्रहित में है।

बाबा रामदेव के बयान के बाद बच्चों की आंदोलनों में भागीदारी, सामाजिक सद्भाव और विभिन्न समुदायों को लेकर राजनीतिक-सामाजिक बहस फिर चर्चा में आ गई है।