Thursday, July 23, 2026
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बीईओ पर कार्रवाई: गाज गिरने के बाद जांच में बड़ा खुलासा, क्या था मामला?

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The Duniyadari : दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ में स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में लापरवाही बरतना गीदम बीईओ शेख रफीक को भारी पड़ा. मामला सामने आने के बाद बीईओ के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

इस संबंध में कलेक्टर कार्यलय से आदेश जारी किया गया है. विकासखंड गीदम के बीईओ शेख रफीक पर युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. जांच में सामने आया कि उन्होंने कुटरचना करते हुए जानबूझकर विकासखंड की 31 आश्रम शालाओं के रिक्त पदों को युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से अलग रखा, जिससे 20 शिक्षकों को अन्य संस्थानों में काउंसलिंग के माध्यम से संस्था चुननी पड़ी. इसके अलावा शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में मनमाने तरीके से फेरबदल किया गया. आश्रम अधीक्षकों को अतिशेष से मुक्त रखा जाना था, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया.

वहीं विशिष्ट संस्थाओं में कार्यरत शिक्षकों और शासन के निर्देशानुसार दिव्यांग व्यक्तियों को भी युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से अलग रखा जाना था, लेकिन बीईओ ने इन्हें भी प्रक्रिया में शामिल कर दिया. विशेष रूप से दृष्टिबाधित शिक्षक राजकुमार जैन को अतिशेष सूची में डाल दिया गया, जो स्पष्ट रूप से नियमों के विपरीत है.

इन सभी गंभीर लापरवाहियों के कारण बीईओ का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 (1), (2) और (3) का उल्लंघन पाया गया है. शासन ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा नियत किया गया है. इस अवधि में वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे.