महिला पुलिसकर्मी से बदसलूकी पर तमनार पुलिस की सख्त कार्रवाई, 5 आरोपी गिरफ्तार

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The Duniyadari : रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र के सीएचपी चौक, लिब्रा में धरना-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस और जिला प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है। महिला पुलिसकर्मी से बदसलूकी, मारपीट, कपड़े फाड़ने और लूटपाट जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आमगांव निवासी मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और झरना गांव का वनमाली राठिया शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक पर हमला किया, लाठी-डंडों से मारपीट की, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अमानवीय हरकतें कीं। घटना के दौरान कपड़े फाड़ने और लूटपाट जैसे गंभीर कृत्य भी सामने आए हैं।

इस मामले में थाना तमनार में अपराध क्रमांक 309/25 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत केस पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

दरअसल, गारे–पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान परियोजना को लेकर 8 दिसंबर 2025 को जनसुनवाई आयोजित हुई थी। इसके विरोध में खदान से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से सीएचपी चौक पर धरना दे रहे थे, जिससे मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। हालात सामान्य करने के उद्देश्य से 27 दिसंबर को पुलिस और प्रशासन ने मार्ग खुलवाने की कार्रवाई की।

इसी दौरान प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस बल पर हमला कर दिया। कई जवान घायल हुए और महिला पुलिसकर्मी के साथ अत्यंत आपत्तिजनक व्यवहार किया गया। इस घटना के बाद जिले में आक्रोश का माहौल है।

रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला आरक्षक के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। घटना में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि इस तरह की कठोर पहल से कानून व्यवस्था मजबूत होगी और भविष्य में हिंसक घटनाओं पर रोक लगेगी।