Friday, April 17, 2026
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मासूमों की सुरक्षा से खिलवाड़: कोरबा में आंगनबाड़ी भवन निर्माण में भारी अनियमितता

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The Duniyadari: कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 अमरैयापारा और चिमनी भट्ठा में बन रहे आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए इसे बड़े स्तर की अनियमितता और संभावित घोटाले का रूप लेने की आशंका जताई है।

जानकारी के अनुसार जिन भवनों में छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार होना चाहिए, वहां निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पूर्व पार्षद टीकम राठौर ने बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि कमजोर सीमेंट, पुरानी ईंटों और अनुपयुक्त रेत का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कॉलम निर्माण में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। रिंग स्पेसिंग अधिक होने, उचित फिलिंग और कंपैक्शन के बिना ग्राउंड बीम की ढलाई किए जाने जैसी खामियां सामने आई हैं। तकनीकी जानकारों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से भविष्य में फ्लोर धंसने या भवन कमजोर होने की आशंका बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि निर्माण के दौरान कॉलम पर निर्माण तिथि अंकित नहीं की गई है और गर्मी के मौसम में आवश्यक क्योरिंग (तराई) के लिए जूट बैग या बोरे का उपयोग भी नहीं किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कंक्रीट को मजबूत बनाने के लिए कम से कम 7 से 14 दिनों तक नियमित रूप से पानी देकर क्योरिंग करना आवश्यक होता है।

वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि घटिया निर्माण कार्य को रोककर दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं किया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अधूरे ढांचे को हटाने की मांग की जाएगी।

इस पूरे मामले में ठेकेदार हरिश्चंद्र दुबे पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि उन्हें कई आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का काम मिला है और अधिकांश जगहों पर इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं।

सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। इससे वार्डवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।

स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।