The Duniyadari: रायपुर। राजधानी में स्थित उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल से जुड़ा विवाद सोमवार देर रात अचानक और गहरा गया। मृतक मरीज राम चरण वर्मा के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पंडरी भिजवा दिया, जिस पर परिजनों ने कड़ा विरोध जताया है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें न तो पहले से कोई सूचना दी गई और न ही विधिवत पंचनामा की जानकारी साझा की गई। उनका आरोप है कि आधी रात में शव को चुपचाप अस्पताल से बाहर ले जाया गया। जब उन्हें इसकी खबर लगी, तब तक शव जिला अस्पताल पहुंच चुका था। परिवार ने सवाल उठाया है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता क्यों नहीं बरती गई।
इससे पहले सुबह करीब 8 बजे से ही परिजन अस्पताल के बाहर जुटे हुए थे और इलाज में कथित लापरवाही व अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। उनका दावा है कि उपचार में गंभीर चूक के कारण राम चरण वर्मा की मौत हुई। ऐसे में बिना सहमति पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू किए जाने से उनका आक्रोश और बढ़ गया है।
परिवार ने साफ कहा है कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती और उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाएंगे। उनका आरोप यह भी है कि प्रशासन निजी अस्पताल प्रबंधन के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है।
वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शव को पंडरी स्थित जिला अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम पूरी सुरक्षा व्यवस्था और वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा तथा उसकी रिपोर्ट की प्रति परिजनों को उपलब्ध कराई जाएगी।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया और उन्हें बस के माध्यम से वहां से हटाया। फिलहाल मामला संवेदनशील बना हुआ है और राजधानी में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज है।
































