The Duniyadari : छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए 1009 नए पदों के सृजन और स्वीकृति को मंजूरी दी है। यह निर्णय राज्य में चिकित्सा, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी शिक्षा को मजबूत करने, छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह राज्य के चिकित्सा शिक्षा ढांचे में ऐतिहासिक विस्तार का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों की विकास यात्रा में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में नई ऊंचाइयाँ छुई हैं। पहले जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज प्रदेश के लगभग हर हिस्से में आधुनिक शिक्षण संस्थान स्थापित हो चुके हैं।”
मंत्री जायसवाल ने कहा कि नए पदों की स्वीकृति से शिक्षण संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेशवासियों तक पहुँचेगा।
नए स्वीकृत पदों का विवरण इस प्रकार है :
- मेडिकल कॉलेज रायगढ़ – 39 पद
- डीकेएस अस्पताल रायपुर – 1 पद
- मेडिकल कॉलेज बिलासपुर – 20 पद
- फिजियोथैरेपी कॉलेज (जगदलपुर, जशपुर, मनेंद्रगढ़) – प्रत्येक में 36 पद (कुल 108)
- फिजियोथैरेपी कॉलेज (बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़) – प्रत्येक में 36 पद (कुल 108)
- कुल 6 फिजियोथैरेपी कॉलेजों हेतु – 216 पद
- नए मेडिकल कॉलेज (दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी-जशपुर) – प्रत्येक में 60 पद (कुल 180)
- नए मेडिकल कॉलेज (जांजगीर-चांपा, कबीरधाम) – प्रत्येक में 60 पद (कुल 120)
- सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बिलासपुर – 55 पद
- मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर (रेडियोथेरपी विभाग) – 7 पद
- नए नर्सिंग कॉलेज (दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर) – 210 पद
- नए नर्सिंग कॉलेज (नवा रायपुर, पुसौर-रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कुरूद-धमतरी) – 168 पद
➡ कुल मिलाकर नर्सिंग कॉलेजों के लिए 378 पद स्वीकृत
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन पदों की स्वीकृति से राज्य में चिकित्सा शिक्षा का ढांचा और मजबूत होगा तथा प्राथमिक से लेकर तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं तक मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ेगी।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त शिखा राजपूत तिवारी ने कहा कि राज्य गठन के 25वें वर्ष में यह निर्णय छत्तीसगढ़ की दूरदर्शी नीतियों और सतत प्रगति का प्रतीक है। यह कदम राज्य को स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
































