The Duniyadari: रायगढ़- जिले के घरघोड़ा रेंज में जंगल भूमि पर अतिक्रमण रोकने पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान डिप्टी रेंजर और वन रक्षक को टांगी और डंडों से मारने के लिए दौड़ाया गया।
दोनों वनकर्मियों ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद घरघोड़ा पुलिस ने 6 नामजद सहित कई ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जशपुर निवासी विजय कुमार मिंज (54), जो घरघोड़ा रेंज के चिमटापानी परिक्षेत्र में डिप्टी रेंजर के पद पर पदस्थ हैं, वन रक्षक सुभाष कुमार कर्ष के साथ चोटीगुड़ा बीट के कक्ष क्रमांक 1348 (पीएफ) ग्राम बिच्छीनारा में गश्त पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुछ ग्रामीण पोकलेन मशीन से जंगल की जमीन को समतल कर पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वनकर्मियों ने जब ग्रामीणों से अनुमति के संबंध में पूछताछ की और अतिक्रमण नहीं करने की समझाइश दी, तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि उनकी जमीन का अधिग्रहण एनटीपीसी द्वारा किया गया है, इसलिए वे इस जमीन पर घर बनाकर रहने को मजबूर हैं।
आरोप है कि दयाराम चौहान, रामप्रसाद सारथी, परखित उरांव, बलराम उरांव, प्रमोद उरांव और कुमार उरांव सहित अन्य ग्रामीण गाली-गलौज करते हुए टांगी और डंडों के साथ वनकर्मियों पर हमला करने दौड़ पड़े। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
स्थिति बिगड़ती देख डिप्टी रेंजर और वन रक्षक मौके से भाग निकले। बाद में कटंगडीह परिसर रक्षक सुरेंद्र सिंह सिदार को घटना की सूचना दी गई, लेकिन तब तक ग्रामीण आक्रोशित बने रहे। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को देने के बाद वन विभाग ने घरघोड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शनिवार को 6 नामजद आरोपियों समेत अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।















