The Duniyadari: रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में दी गई एक आधिकारिक जानकारी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामला जैतृ साव मठ को दी गई मुआवजा राशि से जुड़ा है, जिसमें अधिकारियों द्वारा सदन में गलत जानकारी देने का आरोप सामने आया है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि एक विधायक ने जैतृ साव मठ को दी गई मुआवजा राशि के संबंध में प्रश्न किया था। इसके जवाब में अधिकारियों ने लिखित रूप से जानकारी दी कि 2 फरवरी 2023 को 30.75 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रस्ट के खाते में भेज दिए गए हैं।
हालांकि बाद में जब इस दावे की जांच की गई तो मामला उल्टा निकला। ट्रस्ट के सचिव ने स्पष्ट किया कि उनके खाते में अब तक कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है। इतना ही नहीं, बैंक खाते के स्टेटमेंट में भी इस रकम के जमा होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया है, क्योंकि विधानसभा जैसे संवैधानिक मंच पर गलत जानकारी प्रस्तुत की गई। इसे प्रशासनिक स्तर पर बड़ी चूक माना जा रहा है। अब इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।















