The Duniyadari: अंबिकापुर– सरगुजा जिले में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थल से हटाकर कलेक्टर कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। वहीं प्रशासनिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि एसडीएम फागेश सिन्हा का तबादला भी जल्द किया जा सकता है।
पूरा मामला उस समय चर्चा में आया था जब नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके जवाब में विधायक ने भी आरोप लगाया कि अधिकारी द्वारा उनके परिजनों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए थे।
विवाद के बाद प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने विरोध स्वरूप हड़ताल शुरू कर दी थी। राजस्व विभाग की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त हुई और अधिकारी-कर्मचारी पुनः अपने कार्यों में लौट आए।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में विधायक रामकुमार टोप्पो ने कलेक्टर से मुलाकात कर संबंधित अधिकारियों को हटाने की मांग रखी थी। इसके बाद प्रशासन ने तुषार मानिक को उनके दायित्व से मुक्त कर कलेक्टर कार्यालय में अटैच करने का आदेश जारी किया। साथ ही राजापुर उप तहसील का अतिरिक्त प्रभार सीतापुर तहसीलदार उमेश बाज को सौंप दिया गया है।
हड़ताल समाप्त होने के बाद राजस्व विभाग के कार्यों में फिर से गति आई है। तहसीलों में लंबित प्रकरणों, दस्तावेजों और राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने और राजस्व कार्यों को सुचारू रूप से संचालित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। वहीं राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि हालिया फैसलों से प्रशासनिक व्यवस्था में स्थिरता आएगी और आम जनता के कामकाज प्रभावित नहीं होंगे।















