The Duniyadari: सक्ती– सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर हादसे की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल पावर रिसर्च सेंटर (CPRC) की विशेषज्ञ टीम शनिवार को प्लांट पहुंची और पूरे दिन तकनीकी निरीक्षण किया। ज्वाइंट डायरेक्टर प्रफुल्ल चंद्र डोंगरे के नेतृत्व में आई टीम ने हादसे वाली यूनिट का बारीकी से परीक्षण करते हुए पाइपलाइन, बॉयलर सिस्टम और अन्य मशीनरी की जांच की।
जांच के दौरान विशेषज्ञों ने प्लांट के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, उत्पादन डेटा और सुरक्षा मानकों से जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने दुर्घटना से पहले की तकनीकी स्थिति का आकलन करने के लिए पुराने रिकॉर्ड खंगाले, ताकि हादसे की असल वजह सामने लाई जा सके। टीम ने प्लांट प्रबंधन से भी आवश्यक जानकारी जुटाई और कर्मचारियों से चर्चा की।
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को बॉयलर पाइप फटने से प्लांट में बड़ा हादसा हुआ था। इस घटना में 35 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। अब तक 23 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक घायलों का इलाज खरसिया, रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। कई घायलों की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।
प्रारंभिक जांच के बाद विशेषज्ञ टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।















