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बलगीखार स्थित शिव-काली मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में प्रदेश के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल सम्मिलित हुए और व्यास पीठ पर विराजमान कथा व्यास पंडित श्री रामनाथ तिवारी जी से आशीर्वाद प्राप्त कर कथा का श्रवण किया।
इस अवसर पर जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित मोक्ष जैसे प्रसंग हमें प्रेम, मित्रता, विनम्रता, धर्म, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में भागवत जैसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कारों, आपसी सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। हमें अपने बच्चों और युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और अच्छे संस्कारों से जोड़ना चाहिए, ताकि समाज में प्रेम, भाईचारा और सकारात्मक ऊर्जा का विस्तार हो।
पूर्व मंत्री श्री अग्रवाल ने आयोजन के लिए मंदिर के पुजारी पंडित मोनू दुबे जी एवं सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वर्गीय श्रीमती ऋतू दुबे जी की स्मृति में आयोजित यह आध्यात्मिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और सेवा भावना का सुंदर उदाहरण है।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान करते हुए कहा कि “धर्म का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता, सत्य के मार्ग पर चलना, परिवार एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना ही सच्चा धर्म है। हमें भगवान श्रीकृष्ण के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात कर एक शांतिपूर्ण, संस्कारित और समरस समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए।”
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी नागरिक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।















